कर्नाटक के हुब्बल्ली में रविवार सुबह तीन दिन पहले हुई हत्या के एक मामले के हिरासत में लिये गये दो आरोपियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर दोनों ने कथित तौर पर हमला किया और फरार होने की कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों के पैर में गोली मार दी।
यह घटना 27 वर्षीय मलिक जान की हत्या से संबंधित है। बेंडिगेरी पुलिस थाना क्षेत्र के मंटूर मार्ग पर आठ से दस हमलावरों ने मलिक की चाकू मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य संदिग्ध बलराज उर्फ बालू और मोहम्मद हफीज के साथ कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि आरोपियों के गिरोह के सदस्य अक्सर मंटूर रोड पर एक जगह मिलते हैं जिसके बाद वह उन्हें रविवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए वहां ले गई थी।
आरोपियों ने वहां से भागने की कोशिश में पुलिस अधिकारियों पर पथराव किया जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद उन्हें केआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने अस्पताल का दौरा किया और घटना की जानकारी ली। शशिकुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पुलिस ने बलराज और हफीज समेत कई अन्य लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘बलराज ने बताया कि वह भेड़ों की ढुलाई का काम करता था। वह ऐसा सिर्फ पुलिस से बचने के लिए करता था। वास्तव में वह पूरे समय डकैती और अपने गिरोह के साथ लोगों को रंगदारी मांगने जैसे अपराध करता था। वह किसी भी अपराध में गुर्गे की तरह काम करता था।’
अधिकारी ने बताया कि एक अन्य आरोपी मोहम्मद हफीज है। हफीज के खिलाफ कई पुलिस थानों में कई मामले लंबित है। इनमें कुछ मामले कथित डकैती, हत्या के प्रयास और हत्या से संबंधित हैं।
गोलीबारी के बारे में बताते हुए शशिकुमार ने कहा कि पुलिस निरीक्षक ने दो बार हवा में चेतावनी के लिये गोलियां चलाईं और फिर आरोपियों के पैरों में गोली मार दी ताकि वे पुलिस पर हमला न करें और मौके से फरार न हो सकें।
उनके अनुसार इस घटना में तीन पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं जिन्हें आरोपियों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है।




