सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने दो नाइजीरियाई और एक ब्राजीलियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिन पर हाल ही में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान नेपाल की जेलों से भागने का संदेह है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इनमें दो नाइजीरियाई नागरिक, एक ब्राजीलियाई, एक बांग्लादेशी नागरिक और कुछ भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी देश में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद विभिन्न जेलों से भागने के बाद पिछले तीन-चार दिनों में इन लोगों को सीमा से पकड़ा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से लगभग 43 लोग बिहार से, 22 उत्तर प्रदेश से, आठ उत्तराखंड से और दो पश्चिम बंगाल से पकड़े गए हैं।
उन्होंने बताया कि नाइजीरियाई और ब्राज़ीलियाई नागरिकों को शुक्रवार को बिहार के क्षेत्र (जयनगर) से पकड़ा गया, जबकि बांग्लादेशी नागरिक को कुछ दिन पहले इसी राज्य से पकड़ा गया था। भारत-नेपाल सीमा पांच राज्यों के 20 जिलों में फैली हुई है।
एसएसबी ने नेपाल में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए तीन आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में हेल्पलाइन नंबर 1903 के अलावा दो अन्य लाइन 0522-2728816 और 0522-298657 भी उपलब्ध हैं।
नेपाल के अगले संसदीय चुनाव पांच मार्च को होंगे, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के कार्यालय ने शनिवार को यह घोषणा की। यह घोषणा एक सप्ताह तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई है, जिसके कारण के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा और सुशीला कार्की अंतरिम तौर पर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक भारतीय महिला समेत कम से कम 51 लोगों की मौत हुई है।


