मेरठ, उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए निर्धारित करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में एक दशक से भी ज़्यादा समय से फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर स्कूलों और मदरसों द्वारा अल्पसंख्यक छात्रों को दिए जाने वाले सरकारी अनुदानों का गबन किया। जांचकर्ताओं के अनुसार आरोपियों ने स्कूल प्रबंधक या प्रधानाचार्य के पद पर रहते हुए धोखाधड़ी के जरिए धनराशि का गबन किया।
पुलिस का कहना है कि मेरठ और अन्य जिलों में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में छात्रवृत्ति राशि के बड़े पैमाने पर गबन का खुलासा हुआ। धोखाधड़ी, जालसाज़ी और आपराधिक षडयंत्र समेत तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) की मेरठ सेक्टर टीम द्वारा पकड़े जाने से पहले, यह जोड़ी एक दशक से ज़्यादा समय से गिरफ्तारी से बच रही थी।


