अयोध्या, आज का दिन हर भारतीय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है आज ही के दिन 1999 में भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाकर कारगिल का मैदान फतेह किया था। इस युद्ध में भारत के 567 वीर सपूतों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
यह दिवस भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है, जिसको हर वर्ष कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
अपने वीर सैनिकों को याद करते हुए नगर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, रामनगर में कारगिल विजय दिवस का कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्या भारती संस्कृति के अनुसार अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चान किया गया। कैप्टन जेपी द्विवेदी जी सैनिकों की वीरता की कहानी बताते हुए भावुक हो उठे, वे स्वयं कारगिल युद्ध में सम्मिलित भी रहे।
सूबेदार दलजीत सिंह जी ने भैया बहनों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें मातृभूमि का महत्व भी समझाया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मंगली प्रसाद तिवारी द्वारा वीर सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। श्री तिवारी जी ने भैया बहनों को मातृभूमि के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सूबेदार मेजर बालेंदु भूषण मिश्र जी, सूबेदार अनिल कुमार सिंह जी एवं देवेंद्र सिंह जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य विश्वनाथ यादव, शिव अचल पाण्डेय, राम शंकर वर्मा, विनोद दीक्षित, अमित यादव, अनुराग जायसवाल, अजीत सिंह, अजय सिंह, सरिता पाण्डेय, नेहा, सुमन शर्मा, शालिनी सिंह, सोनी, श्रद्धा आदि उपस्थित रहे ।


