अंतरराष्ट्रीय रामायण कांक्लेव की दूसरी संध्या साहित्य और संगीत को समर्पित रही। सरयू के समांतर सुरों के बहाव में श्रोता देर रात तक भीगते रहे।
मुंबई से आए सारेगामापा से प्रसिद्ध सुरीले गायक अभिजीत घोषाल ने पावन अयोध्या की गाथा सुनो और श्रीराम के दर्शन पाओ,बोलो श्रीराम जय राम जय जय राम गाओ गाकर सभी को सीधे मंच से जोड़ लिया।आस्था के डूबे भक्तों को माता शबरी की कथा भजनो के साथ संगीतमय कथा सुनाकर सभी को द्रवित कर दिया। शबरी देख रही थी रस्ता,एक युग से रघुनंदन का,खाए जूठे बेर प्रेम से मातृ स्वरूप भक्तन का।
इसके बाद वातावरण में त्रेता का मिलन द्वापर से कराते हुए गाया सांवरे तेरे बिन रहा जाय ना,ढूंढे मेरी प्रीत रे तो नारायण के कृष्ण स्वरूप के दर्शन भी श्रोताओं को हो गए।
गहराती शाम में अभिजीत ने अपनी गायकी के कौशल से राग देस,राग भोपाली,राग दरबारी में का परिचय कराते हुए हर राग के भजनों के मुखड़े गाकर प्रस्तुत किया तो सभी विभोर होकर नृत्य करने लगे।भजनों की इस श्रृंखला में सूफी से लेकर पारंपरिक भजनों का समावेश सभी को चमत्कृत कर गया। मेरे सैयां तो है परदेश से सूफी के रंग जब राम की पैड़ी पर छलके तो सभी उसमें रंग गए।
अभिजीत ने रामलला के जन्म पर भजन सुनाया आज अयोध्या की गलियों में,घूमे जोगी मतवाला,अलख निरंजन खड़ा पुकारे,देखूं दशरथ का लाला,जय श्रीराम जय जय राम तो सभी तालियों से साथ देने लगे। जय हनुमंता,जय भगवन्ता,केसरी नंदन,भाव भय भंजन,जय हनुमंता जय भगवन्ता गाकर अयोध्या के वर्तमान महराजा की स्तुति करके अपनी श्रद्धा प्रस्तुत किया।
संगीत की शाम में भजनों के बोलो से बिखरती श्रद्धा लोगो को श्रीराम के जीवन से जोड़ रही थी। जाऊं तेरे चरण कमल बनवारी से राग भोपाली से परिचय कराया और फिर जनता की फरमाइश पर कबीर दास की रचना पारंपरिक लोकधुन में गाई चुनरी काहे ना रंगायों गोरिया पांच रंग मा गाया तो एक बार सभी को उठकर नृत्य करने आना ही पड़ा। हमन है इश्क मस्ताना,हमन को होशियारी क्या के बाद अंतिम प्रस्तुति में श्रीराम के भजन का सभी के साथ कराया।
संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने रोचक अंदाज में किया।
कलाकारों का सम्मान अंतराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के निदेशक व नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र प्रदान करके किया।इस अवसर पर संस्थान के सलाहकार आशुतोष द्विवेदी, रमेश चंद्र, अंकित, नैना सुमन, मनीष तिवारी,समेत संतजन और दर्शक उपस्थित रहे।


