अयोध्या, माह ए रमजान के आखिरी जुमा यानि जुमा तुल विदा पर रूदौली नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सभी मस्जिदे नमाजियों से भरी थी, हर आखों में जहां रमजान के जाने का गम था, माह ए रमजान के मुकद्दस महीने में मस्जिदों में नमाजियों के हाथ बरगाहे इलाही में अपनी मगफिरत के लिए उठे हुए थे।
सुबह होते ही लोग घरों के आस पास साफ सफाई की और जुमा की तैयारियों में मशगूल रहे।मस्जिदों में पहुंचकर लोगों ने सुन्नते अदा की। कुरान की तिलावत की और अपने गुनाहों की माफी तलब की। अलविदा के मौके पर मस्जिदों में ईद जैसा माहौल रहा।
इस मौके पर जामा मस्जिद नेवरा के पेश इमाम हजरत मौलाना कामिल हुसैन नदवी ने खिताब किया। उन्होंने जकात व फित्रा पर रोशनी डालते हुए कहा कि जो साहिबे हैसियत है उन्हे चाहिए कि इस रकम को गरीब, यतीम, जो इसके सही हकदार है, उन्हे ज्यादा से ज्यादा मदद करे, जिससे उनके घरों में भी ईद की खुशियां मनाई जा सके।
उन्होंने आने वाली ख़ास राते 27, 29 शब ए कद्र की रातों की फजीलत को बयान करते कहा कि अब महज दो शब ए कद्र की राते बची है, इन रातों में आप सभी ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में गुजारे ताकि अल्लाह हम से राज़ी हो जाए और अपनी रहमत हम सब पर भेजे और हमारी आखीरत बन जाए।
उन्होंने कहा कि जहन्नम से आजादी मिलने वाले इस अशरे को जाया न होने दें। बल्कि इन रातों में अल्लाह की बारगाह में हाजिर होकर अपने गुनाहों की माफी मांगे। अल्लाह बड़ा रहीम व करीम है और माफ करने वाला है।इसके बाद उन्होंने जुमा का खुतबा पढ़कर जुमा की नमाज पढ़ाई और मुल्क में आपसी भाई चारा,अमन चैन के लिए दुआएं मांगी और इस मौके पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।


