अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की कार्यकारी समिति के सदस्य दीपक शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई है। AIFF सदस्य दीपक शर्मा को गोवा पुलिस ने दो महिला खिलाड़ियों से कथित शारीरिक उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इंडियन वुमैन्स फुटबॉल लीग (IWL) के दूसरे डिविजन में हिस्सा लेने आई हुई हिमाचल प्रदेश के खाड एफसी की दो फुटबॉल खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि क्लब के मालिक शर्मा ने 28 मार्च की रात को उनके कमरे में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी।
वहीं, दूसरी तरफ खिलाड़ियों के एक समूह ने दीपक शर्मा के बेकसूर होने का दावा किया है। पुलिस उपाधीक्षक संदेश चोडनकर ने कहा कि, ‘‘एआईएफएफ कार्यकारी समिति के सदस्य दीपक शर्मा को औपचारिक शिकायत मिलने के बाद दिन में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मापुसा पुलिस ने उन्हें विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चोट पहुंचाने, महिलाओं के खिलाफ बल का उपयोग करने के लिए गिरफ्तार किया गया।’’ मापुसा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर शीताकांत नाईक ने कहा ,‘‘रविवार को रिमांड के लिये उन्हें अदालत में पेश किया जायेगा.’’ जीएफए अध्यक्ष कैटानो फर्नांडिस ने बताया कि संघ ने खिलाड़ियों की मापुसा थाने में शिकायत दर्ज कराने में मदद की थी।
शर्मा हिमाचल प्रदेश फुटबॉल संघ के महासचिव भी हैं। इस बीच एफसी खाड़ की महिला खिलाड़ियों के एक समूह ने दावा किया कि शर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। शर्मा को जब मापुसा पुलिस मेडिकल जांच के लिये ले गई तो महिला खिलाड़ियों का एक समूह रोता देखा गया और उन्होंने मीडिया को वीडियोग्राफी से भी मना किया। उनका दावा था कि पिछले दस साल से शर्मा से वे जुड़ी हैं लेकिन कभी उन्हें बदसलूकी करते नहीं देखा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के आरोप पहली बार लगाये गए हैं।
एक खिलाड़ी ने मापुसा थाने के बाहर मीडिया से कहा ,‘‘ शुक्रवार को शिकायतकर्ता खिलाड़ियों में से एक रात के 11 . 30 बजे अपार्टमेंट से बाहर कुछ लेने गई। शर्मा इससे नाराज थे और पूछा कि अनजान शहर में इतनी रात को अकेले बाहर क्यो गई। इस पर खफा होकर उसने नाटक शुरू कर दिया।’’ उसने कहा कि शर्मा ने कभी लड़कियों के साथ बदसलूकी नहीं की।


