वाराणसी, माफिया मुख्तार अंसारी को फर्जी तरीके से डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस लेने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अवनीश गौतम की अदालत ने पूर्व विधायक बाहुबली मुख्तार अंसारी को आईपीसी की धारा 428, 467, 468, 120बी व आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मुख्तार पर आरोप सिद्ध होने पर दोषी माना था।
दरअसल, मुख्तार अंसारी पर आरोप था कि उसने 1987 में फर्जी हस्ताक्षर के बल पर दुनाली बंदूक का लाइसेंस हासिल किया था। इसके लिए डीएम और एसपी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। इस मामले में तत्कालीन मुख्य सचिव अलोक रंजन और डीएम के डीएम की भी गवाही हुयी थी। मामले में 1997 में चार्जशीट दाखिल किया गया था। कोर्ट ने मंगलवार को मुख़्तार को दोषी करार दिया था।
बता दें कि माफिया मुख्तार अंसारी को अब तक सात मामलों में सजा हो चुकी है। सरकारी कर्मी को धमकाने के मामले में 21 सितंबर 2022 को तीन साल सजा सुनाई गई. हजरतगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में 23 सितंबर 2022 को दो साल कैद की सज़ा, गैंगस्टर एक्ट में 15 दिसंबर 2022 को दस साल की कैद की सज़ा। गैंगस्टर एक्ट में 29 अप्रैल 2023 को दस साल की कैद की सज़ा मिल चुकी है।
आलमबाग थाने में दर्ज जेलर को धमकाने में सात साल की सज़ा और चर्चित अवधेश राय हत्याकांड में 5 जून 2023 को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। रुंगटा परिवार को बम से उड़ने की धमकी देने में 15 दिसंबर 2023 को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है।


