अयोध्या, चौक के टेढ़ी गली में बुजुर्ग महिला की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से आने से मौत की पहेली का सच सामने आ गया। तीन डॉक्टर के पैनल द्वारा किये गए पोस्टमार्टम में बुजुर्ग महिला की मौत सेप्टीसीमिया व फेफड़ों में संक्रमण होने के चलते होने की पुष्ठी हुई है।
बता दे, नगर के ह्रदय स्थल चौक में मानसिक रोगी बढ़े भाई गोपाल कृष्ण वर्मा ने पुलिस को गुमराह कर नशे की हालत में तीन पन्ने का कुबूलनामा लिखकर हत्या की जिम्मेदारी लेकर whataap ग्रुप पोस्ट कर पुलिस को गुमराह किया। जिसकी मानसिक हालत को देखते पुलिस अपनी देखेरेख में नगर के मानसिक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
62 वर्षीय गोपाल कृष्ण वर्मा चौक टेढ़ीगली स्थित मार्ग पर जीके कार्ड सेंटर के नाम से दुकान चलाते थे। जिसमें उनके भाई भी सहयोगी थे।
उन्होंने लिखा है कि मां की यह चिंता और कष्ट नहीं जा रहा था। मां का अपने प्रति दुलार उनको पशोपेश में डाले हुए था। जिसके चलते जिसके चलते मां की हत्या का निर्णय लेना पड़ा। रात 3.15 बजे लिखे गए इस पत्र को उन्होंने अपने परिचितों और शुभचिंतकों को पोस्ट किया तथा कोतवाली जाकर आत्मसमर्पण कर दिया।
पत्र में उन्होंने अपनी बहन कम्मो का भी जिक्र किया है और इस घटना से अत्यंत दुखी होने का जिक्र किया था। भाइयों ने गोपाल कृष्ण के दावे पर सवाल खड़ा किया है।
नगर कोतवाल अश्वनी कुमार पांडे का कहना है कि घर से तीन पेज का पत्र मिला है। बुजुर्ग मां के बगल ही इनके विकलांग भाई का बिस्तर है। जबकि दूसरा भाई बगल के कमरे में सोया था। मौके से मृतका के शरीर पर कोई चोट और खरोंच का निशान नहीं मिला है।
बुजुर्ग महिला हमारे उप सम्पादक अनुराग वर्मा की माँ थी।


