इजराइल की सेना ने सोमवार तड़के दक्षिणी गाजा पट्टी में अत्यंत सुरक्षा वाले अपार्टमेंट पर धावा बोलकर दो बंधकों को मुक्त कराया और एक नाटकीय घटनाक्रम में गोलीबारी के बीच बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
आतंकवादी समूह हमास द्वारा क्षेत्र में बंधक बना कर रखे गए 100 से अधिक बंधंकों की देश वापसी की दिशा में इजराइल की यह एक छोटी लेकिन प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण सफलता है।
फलस्तीनी अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान इजराइल के हवाई हमलों में कम से कम 67 फलस्तीनी मारे गए। अभियान दक्षिणी गाजा शहर रफह में चलाया गया था, जहां हमास-इजराइल युद्ध के कारण 14 लाख फलस्तीनियों को क्षेत्र छोड़कर कहीं और शरण लेना पड़ा था।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लगातार सैन्य दबाव से बधकों की आजादी होगी। उन्होंने सोमवार को इसी बात को दोहराया, हालांकि अन्य शीर्ष अधिकारियों ने उनकी इस बात का विरोध किया है। उनका कहना है कि समझौता ही बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है।
इजराइल ने रफह को गाजा में हमास का आखिरी बचा हुआ गढ़ बताया है और संकेत दिया है कि उसकी आक्रामक जमीनी कार्रवाई जल्द घनी आबादी वाले शहर को निशाना बना सकती है।
अमेरिका ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेतन्याहू को चेतावनी दी थी कि इजराइल को नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘‘विश्वसनीय और उचित’’ योजना के बिना रफह में हमास के खिलाफ सैन्य अभियान नहीं चलाना चाहिए।
सेना ने बचाए गए बंधकों की पहचान 60 वर्षीय फर्नांडो साइमन मार्मन और 70 वर्षीय लुईस हर के रूप में की है, जिन्हें सात अक्टूबर को सीमा पार हमले में किबुत्ज निर यित्जाक से हमास आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि उनके पास अर्जेंटीना की नागरिकता भी है।
नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, ‘‘पूर्ण जीत मिलने तक केवल सैन्य दबाव जारी रखने से ही हमारे सभी बंदियों की रिहाई हो सकेगी।’’
सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा कि बंधकों को रफह में एक अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर रखा गया था और हमास के बंदूकधारी उस अपार्टमेंट और पास की इमारतों की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विशेष सुरक्षा बल देर रात एक बजकर 49 मिनट पर गोलीबारी के बीच रफह में अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर पहुंचा। इसके एक मिनट बाद आस पास के इलाकों में हवाई हमले हुए।
उन्होंने कहा कि बंधकों पास में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और तत्काल चिकित्सकीय जांच की गई तथा उन्हें विमान से मध्य इजराइल में शेबा मेडिकल सेंटर भेजा गया। उनकी स्वास्थ्य की स्थिति बेहतर बताई जा रही है। इससे पहले नवंबर में एक महिला सैनिक को बचाया गया था।
इजराइली सेना के हवाई हमलों के दौरान रफह में देर रात लगभग दो बजे दर्जनों विस्फोट की आवाज सुनी गई। हमास द्वारा संचालित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किद्रा ने कहा कि हमलों में कम से कम 67 लोग मारे गए।
अल-किद्रा ने कहा कि बचावकर्मी अब भी मलबे में तलाश कर रहे हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक पत्रकार ने रफह के अबू यूसुफ अल-नज्जर अस्पताल में कम से कम 50 शवों को लाए जाने की बात कही।
अस्पताल के निदेशक डॉ. मारवान अल-हम्स ने सोमवार को कहा कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
Two Israeli hostages rescued during an overnight mission in Rafah.
During a joint operation between the IDF, ISA, and Israel Police, two Israeli hostages from Kibbutz Nir Yitzhak were rescued: Fernando Simon Marman (60) and Louis Har (70).
They are both in good medical…
— Israel Defense Forces (@IDF) February 12, 2024