राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा से पहले विधि विधान के साथ की अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इन अनुष्ठानों का आज दूसरा दिन है। अनुष्ठान के दूसरे दिन यानी बुधवार को रामलीला की मूर्ति राम मंदिर परिसर में प्रवेश करेगी। इस दौरान मूर्ति को परिसर का भ्रमण करवाया जाना है। मूर्ति के परिसर में ब्राह्मण के बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञ मंडप में अनुष्ठान किए जाएंगे। इस दौरान प्रायश्चित पूजन और कर्मकुटी पूजन की शुरुआत के साथ-साथ दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है।
राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा को 18 जनवरी को गर्भग्रह में आसन पर स्थापित किया जाएगा। बीते 70 वर्षों से पूजित वर्तमान प्रतिमा को भी नए मंदिर के गर्भग्रह में ही स्थापित किए जाने का फैसला किया गया है। रामलला कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 22 जनवरी को राम मंदिर में विराजमान होंगे। इस दौरान कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आखिर में मोदी भाषण देंगे जिसमें 8,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, उनमें से कुछ लोगों को ही मंदिर के गर्भगृह के अंदर जाने की अनुमति होगी। ट्रस्ट ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सात अधिवास हैं। अयोध्या में इन अनुष्ठानों का संचालन 121 आचार्य कर रहे हैं और गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ अनुष्ठान की सभी कार्यवाही की देखरेख, समन्वय एवं निर्देशन कर रहे हैं।
प्रधान आचार्य काशी के लक्ष्मीकांत दीक्षित होंगे। आने वाले दिनों में तीर्थ पूजन, जल यात्रा और गंधाधिवास जैसे अनुष्ठान होंगे। इसमें सोमवार को प्रायश्चित एवं कर्मकुटी पूजन हुआ। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को दोपहर 12.20 बजे शुरू होगी और दोपहर एक बजे तक उसके संपन्न होने की उम्मीद है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि भारत में भगवान राम के बिना कोई काम नहीं होता है। जन्म होने पर अखंड रामायण का पाठ करवाया जाता है। मांगलिक कार्यक्रमों में रामनाम संकीर्तन होता है। अंतिम यात्रा में भी राम नाम का उच्चारण होता है।


