नई दिल्ली, कैंसर मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के खर्च में बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा तय किए जाने के बाद 9 नवंबर से 137 दवाओं की कीमतों में कमी लागू होगी। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को सालाना करीब 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 137 दवाओं पर व्यापार मार्जिन की सीमा निर्धारित की है। यह फैसला स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की 17 अक्टूबर को की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, अब तक 76 दवा कंपनियों ने 121 दवाओं के 1,225 फॉर्मूलेशन के संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) जमा किए हैं। इनमें से 1,031 फॉर्मूलेशन की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। करीब 600 ब्रांड की कीमतें 50 प्रतिशत से अधिक घटाई गई हैं। सबसे अधिक कटौती 96.45 प्रतिशत तक हुई है।
भारत में अभी उपलब्ध नहीं कराई गईं करीब 10 से 15 चिह्नित दवाओं पर भी बाजार में पेश किए जाने के बाद व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (टीएमआर) के तहत कीमतों की सीमा लागू होगी।
कई महंगी कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कमी
कीमतों में कटौती के बाद कई महत्वपूर्ण कैंसर रोधी दवाएं पहले के मुकाबले काफी सस्ती हो गई हैं। आरपीजी लाइफ साइंसेज की स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कैप्सूल दवा ‘पैल्बोप्रो’ (पैल्बोसिक्लिब 125 मिलीग्राम) की कीमत 40,421.33 रुपये से घटकर 2,720 रुपये हो गई है।
इसी तरह, अरविंकेयर फार्मा की प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘एबिरोन’ (एबिराटेरोन एसीटेट 250 मिलीग्राम) की कीमत 41,250 रुपये से घटकर 3,218.23 रुपये रह गई है। जाइडस लाइफसाइंसेज के इंजेक्शन ‘ब्रिक्स्टा’ (बेवासिजुमैब 100 मिलीग्राम), जिसका इस्तेमाल फेफड़े और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के इलाज में किया जाता है, की कीमत 25,995 रुपये से घटकर 3,318 रुपये हो गई है।
रिलायंस लाइफ साइंसेज की दवा ‘डेनऑस्टियोरेल’ (डेनोसुमैब 60 मिलीग्राम) की कीमत भी 24,955 रुपये से घटकर 6,240 रुपये रह गई है। वहीं, लुपिन लिमिटेड के स्तन कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन ‘लूपीहर 2’ (पर्टुजुमैब 420 मिलीग्राम) की कीमत 83,520 रुपये से घटकर 37,358.30 रुपये निर्धारित की गई है।
दुकानों और अस्पतालों को प्रदर्शित करनी होगी नई कीमत
सरकार ने दवा विक्रेताओं, वितरकों और अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसरों और वेबसाइटों पर दवाओं की संशोधित मूल्य सूची प्रमुखता से प्रदर्शित करें। राज्य औषधि नियंत्रकों को आदेश के अनुपालन की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।