अयोध्या में जर्जर नरेंद्रालय सभागार में संचालित नगर निगम के प्रवर्तन दल कार्यालय को लेकर कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सावंत ने जर्जर भवन में काम कर रहे प्रवर्तन दल के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर आवाज उठाते हुए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
अभिषेक सावंत का कहना है कि जिस भवन में नगर निगम का प्रवर्तन दल कार्यालय संचालित हो रहा है, उसकी हालत जर्जर है और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसी संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर तत्काल स्थानांतरित किया जाए।
उन्होंने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए 15 दिन का समय दिया है। मांग है कि इस अवधि के भीतर नरेंद्रालय सभागार में संचालित प्रवर्तन दल कार्यालय और वहां मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जाए। अभिषेक सावंत ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह मौन धरने पर बैठेंगे।
अभिषेक सावंत ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल हादसा होने के बाद जांच करना नहीं, बल्कि हादसे से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने जर्जर भवन की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है।
नगर निगम से जुड़े प्रवर्तन दल के कर्मचारी लगातार इसी कार्यालय से अपने कामकाज का संचालन करते हैं। ऐसे में भवन की स्थिति को लेकर उठाई गई आपत्ति के बाद अब निगाहें नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से 15 दिन की समयसीमा के भीतर क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
अभिषेक सावंत इससे पहले भी अयोध्या नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में भी नगर निगम की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे।