लखनऊ, प्रदेश की योगी सरकार ने शासकीय कामकाज में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले राजस्व अफसरों पर बड़ी कार्यवाही की है। योगी सरकार ने प्रदेश के पांच तहसीलदारों को निलंबित करने का आदेश दिया है जबकि 13 अन्य तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन की इस कार्यवाही से राजस्व विभाग के अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पिछले दिनों राजस्व वादों के निस्तारण को लेकर की गई रिव्यू मीटिंग की गई थी। उन्होंने इस बैठक में सख्ती दिखाते हुए शिकायतों का निराकारण करने और सुस्त अफसरों के खिलाफ ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे। सीएम के इसी नाराजगी के बाद राजस्व विभाग के द्वारा यह कार्यवाही की गई है।
निलंबित किए अधिकारियों में संडीला के तहसीलदार अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुुर के तहसीलदार सौरभ कुमार, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार रंजन वर्मा व गाजीपुर के सम्प्रति तहसीलदार अलख शुक्ला के नाम शामिस हैं।
इससे पहले पहली सितंबर को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को विभागीय कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया था।
निलंबन से अलग 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें देवरिया के तत्कालीन चंद्रशेखर वर्मा व गोपाल जी, जौनपुर के तहसीलदार रविरंजन कश्यप व राकेश कुमार, बाराबंकी की तत्कालीन तहसीलदार कविता ठाकुर, सुलतानपुर के तत्कालीन तहसीलदार देवानन्द तिवारी, अयोध्या के तत्कालीन नायब तहसीलदार स्नेहल वर्मा, अमेठी के तहसीलदार राहुल सिंह, प्रतापगढ़ के तहसीलदार अनिल कुमार, लखनऊ के नायब तहसीलदार यजुवेन्द्र सिंह व सुखवीर सिंह, रायबरेली के नायब तहसीलदार रमाशंकर मिश्रा और लखनऊ के तहसीलदार शार्द सिंह का नाम शामिल हैं।