संभल जिले के शेर खां सराय क्षेत्र में स्थित आर्य समाज मंदिर की करीब पांच बीघा जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहा दशकों पुराना विवाद अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
बाजार में लगभग 50 करोड़ रुपये मूल्य की इस कीमती जमीन को लेकर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत के आदेश के बाद राजस्व अभिलेखों में बड़ा संशोधन करते हुए इस भूमि को पुनः ‘आर्य समाज मंदिर’ और ‘प्रधान ग्राम समाज’ के नाम दर्ज कर दिया गया है।
इसके साथ ही फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी व मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से दर्ज किए गए 11 निजी व्यक्तियों के नाम भी राजस्व रिकॉर्ड से निरस्त कर दिए गए हैं।
इस पूरे विवाद की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी, जब आर्य समाज मंदिर प्रबंधन की ओर से जिला प्रशासन को एक शिकायत सौंपी गई थी। शिकायत में दावा किया गया था कि वर्ष 1960 की चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गाटा संख्या 103, 106 और 107 की जमीन आधिकारिक तौर पर ‘आर्य समाज मंदिर’ के नाम दर्ज हुई थी।
हालांकि, बाद में कथित तौर पर अधिकारियों की मिलीभगत और दस्तावेजों में हेरफेर कर इस बेशकीमती जमीन पर निजी लोगों के नाम दर्ज करा दिए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम विकास चंद्र की अदालत ने मामले की सुनवाई शुरू की और तहसीलदार से मौके की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मांगी।
तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 3,350 वर्ग मीटर जमीन वास्तव में आर्य समाज मंदिर की ही है, जिस पर वर्तमान में पक्के मकान और एक मजार का निर्माण मौजूद है। दोनों पक्षों के साक्ष्यों और तहसीलदार की रिपोर्ट का अनुशीलन करने के बाद एसडीएम कोर्ट ने जमीन का मालिकाना हक पुनः आर्य समाज मंदिर और ग्राम समाज को सौंपने का निर्णय दिया।
कोर्ट के इस फैसले के बाद तहसील और पुलिस प्रशासन ने जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की तैयारी तेज कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन पर काबिज लोगों को अविलंब कब्जा हटाने की चेतावनी दी है और स्पष्ट किया है कि स्वेच्छा से जमीन खाली न करने की स्थिति में नियमानुसार बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का दावा है कि विवादित स्थल पर बनी मजार करीब 150 साल पुरानी है जहां वर्षों से धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है और हर किसी की नजरें आगामी बेदखली की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।