नयी दिल्ली, खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के मामले में पश्चिम बंगाल की कैलाश फॉर्मुलेशन और सैनेक्योर वाटर प्रोजेक्ट नामक दो कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इन दोनों कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
नियामक ने कहा, ‘‘दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल में चलाए गए प्रवर्तन अभियान में स्वच्छता, साफ-सफाई और अनुपालन संबंधी गंभीर उल्लंघन पाए जाने के बाद कैलाश फॉर्मुलेशन और सैनेक्योर वाटर प्रोजेक्ट के एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।’’
कैलाश फॉर्मुलेशन के संबंध में एफएसएसएआई ने कहा कि अनिवार्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने के कारण लाइसेंस निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।
एफएसएसएआई ने कहा कि कंपनी के परिसर में साफ-सफाई, स्वच्छता और सैनिटेशन की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। कर्मचारियों के लिए हाथ धोने, कपड़े बदलने और व्यक्तिगत स्वच्छता की उचित सुविधाएं नहीं थीं। खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच, टीकाकरण और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे।
इसके अलावा, कंपनी ने अनिवार्य दस्तावेज भी नहीं रखे थे। एफएसएसएआई ने कहा कि कई नियमों के उल्लंघन को देखते हुए जनस्वास्थ्य के हित में कैलाश फॉर्मुलेशन से संबंधित सभी खाद्य कारोबारों के लिए उसका एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
सैनेक्योर वाटर प्रोजेक्ट के मामले में एफएसएसएआई ने खराब स्वच्छता और साफ-सफाई, कीटों से बचाव के अपर्याप्त इंतजाम और बड़े पैमाने पर कीटों के प्रकोप की बात कही।