उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि संबंधी और रास्ते के प्रकरणों में उदासीनता या लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया है।
गोरखपुर प्रवास के दौरान गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं।
इस दौरान जब एक महिला ने दबंगों द्वारा रास्ता रोके जाने और शिकायत करने पर धमकी दिए जाने की पीड़ा सुनाई, तो मुख्यमंत्री ने तल्ख रुख अपनाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत रास्ता दिलवाने का निर्देश दिया। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि रास्ता दिलवाने में लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार खुद को लाचार मानते हों, तो उन सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में जहां भी भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिले, वहां संबंधित कार्मिक या अधिकारी के विरुद्ध सख्त कानूनी और प्रशासनिक एक्शन लिया जाए।
प्रकरण की गंभीरता के अनुसार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता दर्शन में जमीन से जुड़े अन्य मामलों में भी राजस्व कर्मियों की ढिलाई की शिकायतें मिलने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को सख्त कदम उठाने के आदेश दिए।
जनता दर्शन के दौरान इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे लोगों को भी मुख्यमंत्री ने पूरी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का प्राथमिकता के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए।
सीएम ने कहा कि आयुष्मान योजना के अलावा भी यदि इलाज के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी, तो विवेकाधीन कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसी भी पीड़ित को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।









