अयोध्या, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बुधवार को लावारिस हालत में मिली करीब छह माह की बच्ची के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसके परिवार का पता लगा लिया है। पुलिस ने बच्ची की मां समेत दो पुरुष परिजनों को पकड़ लिया है। तीनों बिहार के सीवान जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बच्ची को मंदिर परिसर में छोड़ने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने बच्ची की मां और उसके साथ मौजूद दो पुरुष परिजनों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि बच्ची के जन्म के बाद डॉक्टरों द्वारा उसके लिंग को लेकर दी गई जानकारी के बाद परिवार ने उसे छोड़ दिया था। हालांकि, मामले में पुलिस और बाल कल्याण समिति की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
मामला सामने आने के बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन के माध्यम से बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी के समक्ष बच्ची को प्रस्तुत किया गया, जहां उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
समिति के आदेश पर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद अग्रिम आदेश तक बच्ची को विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण (Specialized Adoption Agency) में रखने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बच्ची को मंदिर परिसर में किस परिस्थिति में छोड़ा गया और इसमें परिवार के किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और बाल कल्याण समिति के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
फिलहाल बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और उसके हित में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।










