गांधीनगर, गांधीनगर रेंज पुलिस ने फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमों के साथ मिलकर कलोल के छत्राल GIDC स्थित ‘Happy Oil Industries’ नामक फैक्ट्री/गोदाम पर छापेमारी कर नकली देसी घी बनाने के बड़े काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है।
इस कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 30,000 लीटर तैयार नकली घी/मिश्रण, पाम ऑयल, अन्य तेल और केमिकल्स जब्त किए हैं। जब्त किए गए पूरे माल की कुल कीमत लगभग 1.67 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि पाम ऑयल और अन्य तेलों में बिना शुद्ध घी की एक भी बूंद मिलाए, विशेष केमिकल (RM Enhancer) डालकर यह नकली घी तैयार किया जा रहा था।
शुद्ध घी की मानक Reichert-Meissl (RM) वैल्यू लगभग 27 होती है, जबकि पाम ऑयल की वैल्यू 4 के आसपास होती है। केमिकल के जरिए RM वैल्यू को 27 के करीब पहुंचा दिया जाता था, जिससे सामान्य जांच या टेस्टिंग मशीनों में यह आसानी से पकड़ में न आए और बिल्कुल शुद्ध घी जैसा नजर आए।
रेंज आईजी वीरेंद्र सिंह यादव के अनुसार, यह नकली उत्पाद स्थानीय व्यापारियों को सप्लाई किया जा रहा था, जो इसे अलग-अलग ब्रांड्स के नाम से बाजार में असली देसी घी बताकर बेच रहे थे। पुलिस गुजरात के अलावा अन्य राज्यों में भी इसके नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
मामले में फैक्ट्री मालिक जनक भावेसर (जनककुमार भावेसर) के खिलाफ कलोल थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी काड़ी में स्थित जनक भावेसर की इसी तरह की यूनिट पर छापा पड़ा था।
फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और जब्त सामग्री के सैंपल FSL व खाद्य विभाग को जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया आधिकारिक तौर पर 30 हजार लीटर माल और 1.67 करोड़ रुपये की जब्ती दर्ज की गई है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रामाणिक और विश्वस्त ब्रांड्स का घी ही खरीदें।
VIDEO | Gujarat: In a major crackdown on food adulteration, Gandhinagar Range Police raided a unit in Chhatral GIDC allegedly manufacturing fake desi ghee using palm oil and chemicals. Materials worth Rs 1.67 crore were seized, and the investigation indicates that around 30,000… pic.twitter.com/KRrSFs6jGz
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026










