राम मंदिर समर्पण पर सियासत! अयोध्या के सिंधी समाज का फूटा गुस्सा, ‘चांदी की ईंटों’ के आरोपों पर दिया करारा जवाब
अयोध्या, संत नवलराम दरबार (रामनगर कॉलोनी, अयोध्या जी) में आज दोपहर 1 बजे सिंधी समाज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
बैठक में राम मंदिर समर्पण निधि को लेकर हाल ही में उपजे विवाद पर समाज ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। जैसा कि सर्वविदित है कि हम सभी सिंधी भाई-बहन प्रभु श्रीराम जी के वंशज हैं और सनातनी हैं। धर्म की रक्षा हेतु हमारे पूर्वजों और समाज ने सदैव अपना सर्वस्व त्याग किया है।
विवादित ढांचा गिराने के आंदोलन से लेकर आज भव्य राम मंदिर के निर्माण तक, और भविष्य में भी, हम राम मंदिर के लिए सदैव पूर्ण रूप से समर्पित हैं और रहेंगे।
परंतु, कुछ दिन पूर्व विपक्ष के इशारे पर कुछ तथाकथित लोगों ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए ओछी मानसिकता का परिचय दिया। इन लोगों ने समाज द्वारा मंदिर के लिए दिए गए समर्पण का हिसाब मांगा है।
हमारा सिंधी समाज सदैव देने में विश्वास रखता है, न कि हिसाब लेने में। कुछ लोगों ने चांदी की ईंटों की राजनीतिक दीवार खड़ी करके अनर्गल और तथ्यविहीन आरोप लगाए हैं, जो कि बेहद निंदनीय है।
जबकि सत्य यह है कि हम सभी को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा गठित SIT (विशेष जांच दल) की रिपोर्ट का संयमपूर्वक इंतज़ार करना चाहिए था। लेकिन उन लोगों ने जांच की प्रतीक्षा किए बिना सिर्फ अपना राजनीतिक मकसद पूरा करने के लिए हिसाब मांगा, जिससे समस्त सिंधी समाज अत्यंत आहत है। पूरा सिंधी समाज ऐसे तत्वों से खुद को पूरी तरह किनारा (अलग) करता है।
मात्र विपक्ष के तथ्यविहीन और मनगढ़ंत आरोप लगा देने से सत्यता बदल नहीं सकती। सिंधी समाज माननीय मुख्यमंत्री जी से पुनः यह मांग करता है कि मंदिर के नाम पर राजनीति करने और समाज को गुमराह करने का यह कुकर्म जिन्होंने भी किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।