अमेरिका के अधिकारियों ने तकनीकी सहायता के नाम पर अमेरिकियों से कथित तौर पर करोड़ों डॉलर की ठगी करने वाले भारत से संचालित एक कॉल सेंटर के परिचालन को बंद करा दिया है।
यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली जांच के बाद की गई, जिसमें पांच जालसाजों को धोखाधड़ी का दोषी ठहराया गया।
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के बोस्टन कार्यालय ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि जांच के दौरान कॉल सेंटर कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया और बाद में दोषी ठहराया गया।
एफबीआई के अनुसार, इस कॉल सेंटर ने अमेरिका और अन्य देशों में सैकड़ों बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों डॉलर की ठगी की। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के संचालन में मदद करने वाले एक कारोबारी समूह के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने अब यह स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने इस बड़े पैमाने पर की गई धोखाधड़ी को नजरअंदाज किया था।
रोड आइलैंड डिस्ट्रिक्ट के लिए अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मियामी निवासी 42 वर्षीय एडम यंग और लास वेगास निवासी 33 वर्षीय हैरिसन गेवर्ट्ज ने स्वीकार किया कि वे ऐसा कारोबार संचालित कर थे, जो दूरसंचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराता था जिनमें फोन नंबर, कॉल रूटिंग, कॉल ट्रैकिंग और कॉल फॉरवर्डिंग जैसी सेवाएं शामिल थीं।
बयान में कहा गया कि उन्होंने यह भी माना कि तकनीकी सहायता के नाम पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
इसमें कहा गया कि 2020 में शुरू की गई जांच के बाद एडम यंग और हैरिसन गेवर्ट्ज ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस जांच के बूते भारत में पांच जालसाजों और उनकी ‘‘कॉल रूटिंग’’ कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी को दोषी ठहराया गया।
बयान में कहा गया कि भारतीय नागरिक साहिल नारंग, चिराग सचदेवा, अबरार अंजुम और मनीष कुमार को धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों में दोषी पाया गया।
जांच के दौरान जगमीत सिंह विर्क को भी अमेरिका की नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की जिला अदालत में दोषी ठहराया गया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर की गई धोखाधड़ी में अमेरिकियों को 2.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि अकेले रोड आइलैंड के निवासियों से कम से कम 57 लाख डॉलर की ठगी की गई।
🚨#BREAKING: #YourFBI has shut down a call center operation in India that defrauded hundreds of elderly victims here in the U.S. & abroad out of millions of dollars through tech support scams, & two senior executives who operated a business that enabled it, have just admitted to… pic.twitter.com/zlSWOspKQ7
— FBI Boston (@FBIBoston) May 20, 2026
