अयोध्या, उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, लखनऊ द्वारा संचालित निर्माण श्रमिकों के हितार्थ चलाई जा रही ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उपश्रमायुक्त कार्यालय, खपराडीह कोठी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 167 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 164 जोड़े हिंदू रीति-रिवाज से तथा 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलवी द्वारा कराया गया।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर वर्चुअल माध्यम से जुड़े और श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवदंपति को 85 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, साथ ही विवाह आयोजन हेतु प्रति जोड़ा 15 हजार रुपये व्यय किया गया।
कार्यक्रम में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा सामूहिक विवाह जैसे प्रयास न केवल आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों को सहारा देते हैं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ सामाजिक मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। ऐसे सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में व्याप्त कुरीतियों, दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करते हैं तथा सादगीपूर्ण और संस्कारयुक्त वैवाहिक परंपरा को प्रोत्साहित करते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि यह पहल जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत सराहनीय है। महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं।
उपश्रमायुक्त अमित मिश्रा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक श्रमिकों से बोर्ड में पंजीयन कराने की अपील किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक परिवार उपस्थित रहे।




