मलेशिया, सबा (Sabah) के एक तटीय गांव में भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। यह घटना संदाकन (Sandakan) इलाके के एक “वॉटर विलेज” में हुई, जहां लकड़ी के घर पानी के ऊपर बने होते हैं।
रविवार तड़के लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और करीब 1000 घर जलकर पूरी तरह खाक हो गए। इस हादसे में हजारों लोग बेघर हो गए, जिनमें गरीब और स्थानीय समुदाय के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज हवा और लकड़ी के घरों के कारण आग ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग को संकरी गलियों और पानी के बीच बने घरों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन करीब 9,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और अपने घरों से बेघर हो गए हैं।
सरकार ने इस घटना को “मानवीय त्रासदी” बताया है और प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, भोजन और अस्थायी आवास की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी की जा रही है, जिसमें शॉर्ट सर्किट या घरेलू कारणों की आशंका जताई जा रही है।
🚨🇲🇾 मलेशिया के गांव में भीषण आग, हजारों लोग बेघर
▪️कम्पुंग बहागिया गांव में लगी आग ने करीब 200 घरों को जला दिया
▪️रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना के बाद कम से कम 8,000 लोग बेघर हो गएpic.twitter.com/Tygb8FkSYG
— Sputnik हिंदी (@SputnikHindi) April 19, 2026



