नई दिल्ली, सहारा समूह की सहकारी समितियों में फंसे निवेशकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल अब राहत का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए निवेशक अब आसानी और पारदर्शिता के साथ अपने रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
फ़िलहाल ₹10,00,000 तक के कुल क्लेम के लिए दोबारा सबमिशन स्वीकार कर रहे हैं।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य लाखों निवेशकों को उनका जमा धन समयबद्ध तरीके से वापस दिलाना है। पोर्टल पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और वे घर बैठे ही आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड और स्टेटस चेक कर सकते हैं।
यह पोर्टल विशेष रूप से सहारा की चार सहकारी समितियों में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं के लिए बनाया गया है, ताकि उनके वैध दावों का सत्यापन कर सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जा सके।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है, जिससे हर पात्र निवेशक को उसका हक मिल सके। हाल ही में प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए इसमें सुधार भी किए गए हैं, जिससे आवेदन और पुनः सबमिशन (resubmission) आसान हुआ है।
निवेशक अधिक जानकारी और आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं:
👉 https://mocrefund.crcs.gov.in
मुख्य बातें:
- ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
- दस्तावेज़ों का डिजिटल सत्यापन
- आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा
- सीधे बैंक खाते में रिफंड
सरकार ने निवेशकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी भी एजेंट या फर्जी लिंक से सावधान रहें।




