उत्तरप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 लागू कर दी है। इसके साथ ही शराब और भांग दुकानों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। आबकारी विभाग ने राजस्व बढ़ाने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया है।
नई नीति के अनुसार शराब दुकानों की लाइसेंस फीस में करीब 7.5 प्रतिशत और भांग दुकानों की फीस में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और 18 फरवरी से जिले की 483 दुकानों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नई नीति में अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार फीस बढ़ाई गई है। नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्र की देशी शराब दुकानों की फीस में 5 प्रतिशत, नगर पंचायत में 6 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
वहीं अंग्रेजी शराब और मॉडल शॉप की लाइसेंस फीस भी 7.5 प्रतिशत बढ़ाई गई है। विभाग का कहना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा और लाइसेंस व्यवस्था अधिक संतुलित होगी।
जिले में इस समय कुल 277 देशी शराब दुकानें, 181 कंपोजिट दुकानें, 12 मॉडल शॉप और 13 भांग दुकानें चल रही हैं। नई नीति के तहत पहले सभी मौजूदा लाइसेंसधारियों को अपनी दुकान का नवीनीकरण कराने का मौका मिलेगा।
यह प्रक्रिया 18 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगी। इसके बाद जो दुकानें खाली रह जाएंगी, उन्हें लॉटरी के जरिए नए आवेदकों को दिया जाएगा। दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी दुकानें पहले की तरह सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुलेंगी।
नई आबकारी नीति में एक नई शुरुआत भी की गई है। पहली बार 100 एमएल का देशी शराब का छोटा पैक बाजार में आएगा, जिसे आम बोलचाल में ‘बच्चा’ कहा जा रहा है। इसकी कीमत लगभग 50 रुपये रखी गई है।
अधिकारियों का मानना है कि छोटा और सस्ता पैक मिलने से लोग अवैध शराब की जगह वैध शराब खरीदेंगे, जिससे गैरकानूनी शराब पर रोक लगेगी और सरकारी बिक्री बढ़ेगी।
इसके अलावा शराब के कोटे में भी बदलाव किया गया है। नगर निगम क्षेत्र की दुकानों का वार्षिक कोटा 4 प्रतिशत और ग्रामीण दुकानों का 8 प्रतिशत तय किया गया है। बिक्री संतुलित रहे, इसके लिए महीने-वार कोटा भी तय किया गया है।
आबकारी विभाग का कहना है कि नई नीति से सरकार की आय बढ़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी। नवीनीकरण को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पहले चरण में मौजूदा लाइसेंसधारियों को मौका दिया जाएगा।










