अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला का त्रिदिवसीय 77वाँ प्राकट्य महोत्सव श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति द्वारा मनाया जायेगा। जिसमें प्रथम दिवस 21 दिसंबर समिति के पदाधिकारियों श्रीराम जन्मभूमि संपर्क मार्ग संख्या 03 से श्रीराम जन्म भूमि रामानंदाचार्य मार्ग बिडला धर्मशाला के सामने से कलश के साथ प्रस्थान करेंगे, तत्पश्चात प्रातः 11 बजे कलश गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
आपको बताते चलें कि पौष शुक्ल तृतीया, 22-23 दिसंबर 1949 को ही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला का प्राकट्य हुआ और प्रभु की तीनों भाइयों संग प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी।
पूज्य बाबा अभिराम दास जी की प्रेरणा से आचार्य चंद्रभाल शुक्ल, निवासी रानी बाजार, अयोध्या द्वारा प्राण-प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त निकाला और बताया उक्त तिथि पर यदि प्राण-प्रतिष्ठा हो तो मूर्ति रूप में विराजमान भगवान को कभी हटाया नहीं जा सकेगा।
तत्पश्चात 22 दिसंबर की मध्यरात्रि से 23 दिसंबर 1949 को पूज्य बाबा अभिराम दास जी के नेतृत्व में आचार्य प्राणिन पांडेय द्वारा मंत्रोच्चार शास्त्रवत विधि पूर्वक भगवान श्रीरामलला जी का प्राकट्य हुआ।
सन् 1950 से श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर श्री गुरुदत्त सिंह जी, समिति के महामंत्री स्वर्गीय श्री गोपाल सिंह विशारद एवं मंत्री साकेतवासी पूज्य महंत श्री रामचंद्र परमहंस जी व अन्य सदस्यों द्वारा पौष शुक्ल तृतीया को श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति प्रत्येक वर्ष उक्त आयोजन को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान प्रभु श्रीरामलला का प्राकट्य महोत्सव के रूप में अनवरत मनाती चली आ रही है।
इस वर्ष प्रथम दिन 21 दिसंबर को समिति के सदस्यों द्वारा गर्भगृह में कलश स्थापना और तृतीय दिवस 23 दिसंबर को अपराह्न 2 बजे पूजित कलश के साथ विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
शोभा यात्रा पूज्य साधु संतों के नेतृत्व में श्री हनुमान गढ़ी जी के निशान एवं श्रीराम जन्मभूमि में स्थापित पूजित कलश, श्री राम दरबार व अन्य मनमोहक सांस्कृतिक झांकियों सहित श्रीराम जन्मभूमि संपर्क मार्ग (निकट श्री क्षीरेश्वरनाथ मंदिर) से प्रारंभ होकर परंपरागत मार्ग से होती हुई श्रीरामकोट परिक्रमा पूर्ण कर पुनः श्रीराम जन्मभूमि संपर्क मार्ग पर पहुंचकर पूर्ण होगी।
जिसमें श्री हनुमानगढ़ी का निशान, श्रीरामदरबार की झांकी, बैंड बाजा के साथ, सांस्कृतिक झांकियाँ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
समिति के महामंत्री श्री अच्युत शंकर शुक्ल ने पत्रकारों से कहा – उक्त आयोजन से समिति का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को सनातन से जोड़ना है, रामराज्य की स्थापना और उक्त आयोजन द्वारा यह जन-जागृति पहुँचाना है कि जिन्होंने भी श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में अपना सर्वस्व दिया है, उनको नमन और वंदन करना है।
समिति चाहती है कि दिनांक 23 दिसंबर को अयोध्या के सभी जन शोभा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में आएं और प्रभु श्रीरामलला का आशीर्वाद प्राप्त करें।




