अयोध्या में पुलिस ने सोमवार को सुरक्षा कारणों से 240 फुट ऊंचे रावण और 190 फुट ऊंचे मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अयोध्या में दशहरे के दिन इतनी ऊंचाई वाले पुतलों के दहन पर प्रतिबंध लगा दिया।
रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के सबसे ऊंचे पुतलों के दहन का कार्यक्रम अयोध्या की फिल्म कलाकार रामलीला समिति द्वारा आयोजित किया गया था। अयोध्या के राम कथा पार्क में एक महीने से पुतलों का निर्माण कार्य जारी था।
अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई गई है और आयोजक रामलीला समिति ने अब तक इसकी अनुमति नहीं ली थी।
उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान जब इन पुतलों का निर्माण होता देखा गया तो कार्रवाई की गई।
इस बीच, फिल्म कलाकार रामलीला समिति के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के कारीगरों ने 240 फुट के रावण व अन्य पुतलों का निर्माण पूरा कर लिया है, जिनपर दहन से तीन दिन पहले प्रतिबंध लगा दिया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी चतुर्वेदी ने बताया कि दशहरा और दुर्गा पूजा त्योहारों की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी दुर्गा पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
वही दूसरी तरफ बॉबी मालिक द्वारा अयोध्या में करवाई जा रही फिल्मी रामलीला में रावण दहन को पुलिस प्रशासन द्वारा रोक दिए जाने की घटना पर हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष पांडेय ने प्रसन्नता व्यक्त की है, श्री पांडेय द्वारा कहा गया है कि उनके द्वारा फिल्मी रामलीला का निरंतर विरोध किया जा रहा है।
इस संबंध में उन्होंने प्रदेश क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को और उसके पश्चात रेजिडेंस मजिस्ट्रेट अयोध्या को भी एक ज्ञापन भेजा था।
फिल्मी रामलीला में प्रसंग को पूरी तरह से उल्टा-पुल्टा दिखाया जा रहा है। बॉबी मलिक एंड कंपनी द्वारा आयोजित करवाया जा रही मन मुखी रामलीला न सिर्फ पूरे हिंदू समाज के लिए बल्कि हिंदू धर्म के लिए अत्यंत विनाशकारी व घातक है, श्री पांडे ने अभी कहा कि बॉबी मालिक द्वारा करवाई जा रही फिल्मी रामलीला को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए एवं इस रामलीला की फंडिंग किन तत्वों द्वारा की जा रही है इसकी भी विस्तृत जांच करवाई जाए।








