अयोध्या के प्रसिद्ध भगवदाचार्य स्मारक सदन में आयोजित 70 वर्ष पुरानी पारंपरिक रामलीला का छठा दिन। यह रामलीला रामनवमी के आसपास शुरू होती है और भगवान श्रीराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का जीवंत मंचन करती है।
रामलीला का मंचन रामायण के बालकांड के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर केंद्रित रहा, जिसमें भगवान राम के जन्म, बाल लीला एवं विश्वामित्र के आगमन जैसे दृश्यों का भावपूर्ण प्रदर्शन हुआ।
यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है, जो अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखता है।

रामलीला का यह आयोजन संत कमेटी के नेतृत्व में होता है, संत कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रसिक पीठाधीश्वर श्रीमहंत जनमेजय शरण जी महाराज, महामंत्री स्वामी संजय दास जी महाराज, उपाध्यक्ष नागा राम लखन दास जी महाराज, श्रृंगी ऋषि पीठाधीश्वर महंत हेमंत दास जी महाराज, पहलवान बाबा मनीराम दास जी महाराज, व्यवस्थापक राजीव रंजन पाण्डेय जी, व्यवस्थापक महंत धनुषधारी शुक्ला जी, पुजारी राजन दास जी महाराज, तीर्थ पुरोहित अध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय जी, मुख्तार अजय श्रीवास्तव जी, मंत्री शिवम श्रीवास्तव जी, व्यापारी नेता पंकज गुप्ता जी, रमेश गुप्ता जी पूर्व चेयरमैन, व्यापारी नेता नन्दलाल गुप्ता जी, रसकुंज प्रतिष्ठान विकास गुप्ता जी, चंद्रा प्रतिष्ठान श्री अंचल गुप्ता जी,सहित आदि की संख्या में साधु संत उपस्थित रहे।


