सहारनपुर में जनकपुरी इलाके के एक निजी अस्पताल पर एक परिवार ने अपने नवजात शिशु की अदला-बदली का आरोप लगाया। इस आरोप के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और रिश्तेदारों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
पुलिस अधीक्षक (नगर) व्योम बिंदल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि रामपुर के मनानी गांव के अनुज ने जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अनुज बृहस्पतिवार शाम अपनी पत्नी कोमल को प्रसव के लिए किरण हेल्थ केयर अस्पताल ले गया था।
अनुज ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे पहले बताया गया था कि उनकी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया है जिसके बाद उसने अस्पताल के कर्मचारियों के बीच मिठाई भी बाँटी।
अनुज का कहना है कि लेकिन लगभग 20 मिनट बाद, जब उनकी मां ने बच्चे को उठाया तो उन्होंने पाया कि वह एक लड़की थी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद पुंडीर ने भी पुष्टि की कि नवजात लड़की ही थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डॉ. हिमांशु शर्मा के इशारे पर अस्पताल के कर्मचारियों ने उस पर लाठियों और डंडों से हमला किया और कथित तौर पर जातिवादी गालियां भी दीं।
अनुज ने बताया कि हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। उसने अस्पताल पर ‘नवजात शिशु को बेचने’ का आरोप लगाया।
पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर डॉ. शर्मा और अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने किसी भी हेराफेरी से इनकार करते हुए कहा कि परिवार को शुरू से ही बताया गया था कि बच्ची लड़की है, लेकिन परिजनों ने स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।


