भोपाल, मादक पदार्थ की तस्करी के कई मामलों में आरोपी भोपाल के ‘मछली परिवार’ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश प्रशासन ने यहां कोकता हथाईखेड़ा में करीब छह हजार वर्ग फीट में बनी तीन मंजिला कोठी को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
हुजूर इलाके के ‘सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम)‘ विनोद सोलकिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह पूरी इमारत सरकारी जमीन पर बनी हुई है और आरोपियों के पास इसके कोई वैध दस्तावेज नहीं है। तहसीलदार के संज्ञान में आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। जमीन और इमारत का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 20 करोड़ का होगा।
#WATCH | Madhya Pradesh: Properties belonging to the 'Machli' family being demolished in Bhopal for their alleged involvement in the drug trade. pic.twitter.com/IJfhodEWEJ
— ANI (@ANI) August 21, 2025
‘मछली परिवार’ पर मादक पदार्थ की तस्करी और ब्लैकमेलिंग के गोरखधंधे में शामिल रहने के आरोप हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह परिवार न केवल अवैध मादक पदार्थ की आपूर्ति में शामिल रहा है बल्कि टीआईटी कॉलेज के कथित ‘लव जिहाद’ मामले में छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाने में भी उसकी भूमिका सामने आई है।
उन्होंने बताया कि परिवार के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसमें मादक पदार्थ की तस्करी, यौन शोषण और जबरन वसूली के आरोप शामिल हैं।
मादक पदार्थ की तस्करी मामले में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को अपराध शाखा ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था । तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम ‘एमडी’ ड्रग और एक देशी पिस्तौल बरामद हुई थी।
अनुविभागीय पुलिस अधिकारी मंजू चौहान ने कहा, ‘‘सरकारी जमीन पर यह इमारत बनी थी, इसलिए बुलडोजर की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मादक पदार्थ की तस्करी के कारोबार में शामिल होने के आरोपी ‘मछली’ परिवार से संबंधित संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी ताकि यदि कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है तो उसे नियंत्रण किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस कार्रवाई से पहले परिवार को नोटिस देकर सामान हटाने का समय दिया गया था।
हालांकि, मछली परिवार के वकील गोपेश शिकवाल ने कहा कि नियमों के मुताबिक 15 दिन पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था, लेकिन वे (अधिकारी) यहां आए और चुपचाप नोटिस छोड़कर चले गए।
उन्होंने कहा, ‘‘आज की गई कार्रवाई में दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया है और इसकी अवमानना के लिए उनके मुवक्किल उच्च न्यायालय जाएंगे।
‘मछली परिवार’ के कथित अत्याचार के शिकार राजेश तिवारी नाम के एक स्थानीय नागरिक ने पुलिस की कार्रवाई पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे राहत मिली है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने न्याय किया है। मैंने शिकायत दर्ज कराई थी कि कैसे शारिक मछली ने मुझे अगवा किया, पूरी रात मेरी पिटाई की, 50,000 रुपये लूटे… धारा 307, बलात्कार के आरोप मुझ पर लगाए गए थे।


