अमेरिकी अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रत्यर्पण अनुरोधों के आधार पर भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के छोटे भाई निहाल मोदी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने भारत को सूचित किया कि निहाल मोदी को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की सुनवाई की अगली तारीख 17 जुलाई है और उस सुनवाई में निहाल जमानत का अनुरोध कर सकता है, लेकिन अमेरिकी अभियोजक इसका विरोध करेंगे।
प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई द्वारा संयुक्त रूप से किये गये प्रत्यर्पण अनुरोध पर यह कदम उठाया गया।
अमेरिकी अभियोजकों द्वारा प्रत्यर्पण की कार्यवाही दो आरोपों पर की गई, जिसमें धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 3 के तहत धन शोधन का एक मामला और दूसरा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व 201 (फरार होने) के तहत आपराधिक साजिश का मामला शामिल है।
निहाल (46) पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े कथित 13,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी है।यह मामला अब तक के सबसे बड़े धोखाधड़ी मामलों में से एक है। धोखाधड़ी का आरोप दोनों भाइयों (नीरव और निहाल मोदी) और उनके रिश्तेदार मेहुल चोकसी पर है।
ब्रिटेन में रह रहा हथियार डीलर संजय भंडारी भगोड़ा घोषित
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर शनिवार को ब्रिटेन में रह रहे हथियार डीलर संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया।
अदालत ने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018’ के तहत भंडारी को भगोड़ा घोषित किया।
ईडी के अनुसार, भंडारी वर्ष 2016 में भारत से ब्रिटेन भाग गया था। ब्रिटेन की एक अदालत ने भंडारी के प्रत्यर्पण के भारत के अनुरोध को हाल ही में ठुकरा दिया था।
आयकर विभाग ने काला धन रोधी अधिनियम, 2015 के तहत भंडारी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने फरवरी 2017 में उसके (भंडारी) और अन्य लोगों के खिलाफ धनशोधन का आपराधिक मामला दर्ज किया था।
संघीय एजेंसी ने वर्ष 2020 में भंडारी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।


