मुरादनगर, मिनी हरिद्वार कहे जाने वाले गंगनहर घाट स्थित प्राचीन शनि मंदिर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरसअल यहां के महंत ने महिलाओं के कपड़े बदलने की जगह पर सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था और उन्हें कपड़े बदलते हुए देखता था। मामला सामने आने के बाद मंदिर का महंत फरार हो गया है। फिलहाल महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और आरोपी महंत की तलाश कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार मुरादनगर के ही एक गांव की रहने वाली महिला ने एफआईआर में बताया है कि वह 21 मई की दोपहर को बेटी के साथ गंगा घाट पर स्नान के लिए आई थीं। स्नान के बाद कपड़े बदलने के लिए चली गईं। घाट पर बने कमरे बदलने के कमरे में उन्होंने देखा कि ऊपर की तरफ कैमरा लगा है। इसका फोकस कमरे पर ही है। उनका माथा ठनक गया। वह तुरंत वहां से बाहर निकलीं। आसपास के लोगों ने बताया कि यह कैमरा महंत मुकेश गोस्वामी के मोबाइल फोन से जुड़ा है।
महिला का कहना है कि वह महंत के पास पहुंची तो वह भड़क गया। आरोप है कि उसने अपशब्द कहे। साथ ही पुलिस से शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद वह वहां से चली आईं और मुरादनगर थाने में तहरीर दे दी। दूसरी ओर पुलिस ने पहले घाट पर कैमरे के बारे में जानकारी ली। आरोपों के बारे में महंत से भी पूछा और फिर केस दर्ज किया।
इसके बाद महंत की गिरफ्तारी के लिए मंदिर पहुंची लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। शाम को पुलिस ने घाट पर अवैध रूप से बनीं महंत की दुकानें जेसीबी से ध्वस्त करा दीं। कुल पांच दुकानें थीं। प्रशासन की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि घाट से अतिक्रमण हटाने के क्रम में यह कार्रवाई की गई है।
महंत मुकेश गोस्वामी पर यह पांचवां केस दर्ज हुआ है। इससे पहले चार और मुकदमे हैं। पहला 2007 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ था। यह जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं में था। इसके बाद मुरादनगर थाने में 2017, 2018 और 2019 में वन अधिनियम का एक-एक केस दर्ज किया गया।








