मथुरा, दीपावली से पूर्व अहोई अष्टमी के अवसर पर संतान सुख की कामना लेकर रविवार को हजारों दंपति उत्तर प्रदेश के मथुरा के प्रसिद्ध राधाकुण्ड पहुंचे और धार्मिक मान्यता के अनुसार राधाकुण्ड एवं श्यामकुण्ड में एक साथ स्नान किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस ने व्यापक इंतजाम किये।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, अहोई अष्टमी के दिन राधाकुण्ड में पति-पत्नी के एक साथ स्नान करने से उन्हें राधारानी की कृपा प्राप्त होती है।
पंडित रामेश्वर वशिष्ठ के अनुसार, इस परंपरा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राधारानी को दिए गए एक वरदान से है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने वरदान दिया था कि अहोई अष्टमी के दिन राधाकुण्ड में स्नान करने वाले नि:संतान दंपतियों को एक वर्ष के भीतर संतान सुख प्राप्त होगा।
वशिष्ठ ने दावा किया कि इस प्रसंग का उल्लेख ब्रह्म पुराण और गर्ग संहिता के गिरिराज खंड में भी मिलता है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर दंपति स्नान के बाद अपनी पसंद का फल अर्पित करते हैं और पेठा फल का दान करते हैं। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं आवागमन सुगम बनाए रखने के लिए राधाकुण्ड की ओर आने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया था।
उन्होंने बताया कि पूरे क्षेत्र को चार सुपर जोन, 13 जोन और 31 सेक्टरों में विभाजित कर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा जवानों की तैनाती की गई थी।