यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन ने रात के दौरान रूस के कई भीतरी इलाकों में हमला कर उसके और अधिक तेल केंद्रों को निशाना बनाया।
लगातार हो रहे इन हमलों से रूस में ईंधन की कमी हो गई है और रूसी लोग घबरा गए हैं, जबकि इससे यूक्रेन के लोगों का हौसला बढ़ा है। यूक्रेन के लोग लंबे समय से रूस के हमलों का सामना कर रहे हैं, जिनका मुकाबला करने में कीव की कमजोर वायु रक्षा प्रणाली को मुश्किल हो रही है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बताया कि यूक्रेन की सेना ने बशकोर्तोस्तान में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया जो पूर्वी यूक्रेन में अग्रिम रेखा से 1,300 किलोमीटर से अधिक दूर है। साथ ही, उन्होंने यारोस्लाव क्षेत्र में भी एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर है।
जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेन की सेना ने काला सागर में रूस की दो सैन्य गश्त नौकाओं पर भी हमला किया। इसके अलावा उन्होंने रूस के तथाकथित ‘गुप्त बेड़े’ के जहाजों को भी निशाना बनाया जिनका इस्तेमाल रूस अपने तेल निर्यात पर पश्चिमी देशों की पाबंदियों से बचने के लिए करता है। उन्होंने इन जहाजों या नुकसान की सीमा के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रात के दौरान कई रूसी इलाकों के साथ-साथ उसके कब्जे वाले क्रीमिया और काला सागर एवं अजोव सागर के ऊपर मौजूद 605 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया।
इस बीच, अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि रात के दौरान यूक्रेन पर रूसी ड्रोन और ग्लाइड बम हमलों में कम से कम तीन आम नागरिकों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए।
हाल के हफ्तों में रूस की सेनाओं ने यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलों से जबरदस्त हमले किए हैं। यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि सिर्फ अमेरिका में बने ‘पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम’ से ही इन्हें रोका जा सकता है। लेकिन ईरान युद्ध की वजह से ‘पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल’ का भंडार कम हो गया है जिससे रूस के हमलों के आगे यूक्रेन कमजोर पड़ गया है और रूस उसकी कमजोर हवाई सुरक्षा का फायदा उठा रहा है।
कीव इलाके में रूस के हमलों में 17 लोगों की मौत के बाद बुधवार देर रात यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हम उन सभी सहयोगियों के साथ मिलकर पूरी कोशिश कर रहे हैं जो रूस के ऐसे खतरनाक हमलों से बचाव के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलें मुहैया करा सकते हैं। ये हमले आम लोगों और असैन्य केंद्रों को निशाना बनाते हैं।’’
उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) प्रमुख मार्क रुटे और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से तुरंत इंटरसेप्टर मिसाइलें हासिल करने के बारे में बात की। जेलेंस्की ने कहा, ‘‘जरूरी है कि लालफीताशाही को दूर किया जाए और जरूरी राजनीतिक फैसले लिए जाएं।
रुटे ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैं सहयोगियों से इस बात पर चर्चा कर रहा हूं कि हम यूक्रेन को उस स्तर की हवाई सुरक्षा कैसे उपलब्ध कराते रहें जिसकी उन्हें तुरंत जरूरत है।
A Russian oil refinery in the Yaroslavl region was set ablaze, as Ukraine continues its drone strike campaign deep inside Russian territory targeting petroleum infrastructure. pic.twitter.com/aAfPQx2sE7
— TVP World (@TVPWorld_com) August 6, 2026










