वित्त मंत्रालय के राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने गुजरात के अंकलेश्वर में एक रिहायशी इलाके से चल रही मेफेड्रोन बनाने की एक गुप्त फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए अवैध मादक पदार्थ के निर्माण एवं उनकी तस्करी के नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है।
मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि आरोपियों के आवासीय परिसरों पर एक साथ की गई तलाशी में 21 लाख रुपये बरामद हुए, जिनके बारे में माना जा रहा है कि यह अवैध मादक पदार्थ तस्करी से हासिल हुई रकम है।
बयान में बताया गया है कि कि खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में डीआरआई अधिकारियों ने एक पूरी तरह से चालू अवैध प्रयोगशाला का पता लगाया जहां मेफेड्रोन बनाने के लिए ‘इंडस्ट्रियल ओवन ड्रायर’, ‘हॉट प्लेट हीटर’, ‘कंडेंसर असेंबली’, ‘इलेक्ट्रिक स्टिरर’ जैसे उन्नत मशीनें एवं उपकरण लगे थे।
बयान में कहा गया है कि मेफेड्रोन आम बोलचाल में ‘म्याऊ म्याऊ’, ‘एमडी’, ‘एम-कैट’ या ‘ड्रोन’ कहा जाता है। यह एक बहुत ज़्यादा लत लगाने वाला कृत्रिम मादक पदार्थ है। यह भारत में सबसे ज़्यादा गलत तरीके से इस्तेमाल की जाने वाली मादक ड्रग्स में से एक बन गया है।
आरोपियों के आवास पर एक साथ तलाशी अभियान चलाने पर 20 लाख रुपये बरामद हुए, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त हुए थे। त्वरित कार्रवाई में, डीआरआई अधिकारियों ने निर्मित नशीले पदार्थों के इच्छित प्राप्तकर्ता को गिरफ्तार किया और मेफेड्रोन की डिलीवरी लेने के लिए सांकेतिक भुगतान के रूप में लाए गए 1 लाख रुपये बरामद किए। कुल मिलाकर, इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।