ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार सुबह एक टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल ने जहाज को छोड़ दिया। वहीं, इस अहम जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान को निशाना बनाते हुए एक और हवाई हमला किया।
लगातार 10 रातों से जारी अमेरिका के हवाई हमलों के बावजूद ईरान ने जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ ढीली नहीं की है। शांतिकाल के दौरान वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता था।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ने के बीच ईरान के गृह मंत्री बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचे। पाकिस्तान इस विवाद में अहम मध्यस्थ माना जाता है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि युद्ध खत्म करने के लिए कोई नया समझौता हो सकेगा या नहीं।
दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ अस्थायी समझौता अब टूट चुका है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी लगभग रुक गई है।
लड़ाई तेज होने के साथ दोनों पक्षों ने ऐसे नागरिक बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया है, जिस पर लाखों लोगों का जीवन निर्भर है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी एक नयी चेतावनी में कहा, ‘‘ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेश में अमेरिका के अन्य हितों या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं।
हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। मंगलवार को ‘बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड’ की कीमत 88 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रही और अमेरिका में नियमित गैसोलीन की कीमत औसतन चार डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जिससे इस बार के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ गया है।
🚨Massive Attack on Iran 💥💥
Major news is emerging from Tehran that the US has launched a massive attack on Iran using approximately 200 missiles, causing panic in the surrounding areas. pic.twitter.com/plbP5WgJVs
— 𝐔𝐒 𝐀𝐈𝐑 𝐅𝐎𝐑𝐂𝐄𝐒🇺🇲 (@usairforce_x) July 21, 2026
इस बीच, अमेरिकी सेना ने जॉर्डन में हुए हमलों में मारे गए दो सैनिकों की पहचान की है। इस हमले एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया था। इसके अलावा, सेना ने शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने के बाद उसे नियंत्रित तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान एक और सैनिक की मौत की पुष्टि की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर चेतावनी दी, ‘‘जब भी ईरान किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या करेगा, तो उसे इस हत्या की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी!’’
ट्रंप की मंगलवार शाम को डोवर वायु सेना अड्डे पर एक समारोह में शामिल होने की योजना थी, जहां कम से कम एक सैनिक का अवशेष पहुंचने वाला था।
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने मंगलवार को कहा कि उसने ‘‘ईरान के सैन्य कमान केंद्रों , समुद्री क्षमता, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल और वायु रक्षा प्रणाली’’ को निशाना बनाया। उसने ईरान में इन स्थलों को निशाना बनाकर की गई बमबारी के और फुटेज जारी किए।
ईरान की सरकारी मीडिया ने खबर दी कि फार्स, होर्मोजगन, इलम, केरमन और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
हालांकि, हालिया हिंसा के दौरान जलडमरूमध्य से गुजरने वाला यातायात बहुत धीमा हो गया है। समुद्री डेटा और खुफिया सूचनाएं प्रदान करने वाली लंदन स्थित ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ ने बताया कि रविवार को सिर्फ तीन जहाज ही इस जलडमरूमध्य से गुज़रे।
ब्रिटिश सेना की ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ केंद्र ने कहा कि मंगलवार सुबह ओमान जलडमरूमध्य में एक टैंकर को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद चालक दल के सदस्य पोत छोड़कर चले गए थे।
ईरान के अर्द्धसैनिक ‘रिवॉल्यूशनरी गार्ड’ ने दावा किया कि इस हमले के अलावा सोमवार को जहाजों को निशाना बनाकर दो अन्य हमले किए गए।
अमेरिकी सेना के मुख्यालय पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि सात जुलाई को अमेरिका द्वारा हमले शुरू किए जाने के बाद से करीब 100 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें अधिकतर उपचार के बाद अब ड्यूटी पर लौट आए हैं।










