लखनऊ, योगी सरकार ने माध्यमिक स्कूलों में रसोइयों की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर स्कूलों में रसोइया कर्मी की भर्ती करने का निर्णय लिया है।
स्कूलों में पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के तहत 3.53 लाख रसोइयों की भर्ती करने का फैसला किया गया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में मिलने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता को सुधारना और बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराना है।
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।
क्या है यह भर्ती प्रक्रिया? और सरकार ने क्या निर्देश दिए है उस पर एक नजर डालते है…
यह भर्ती प्रक्रिया पीएम पोषण मिड डे मील योजना के तहत शुरू की गई है – जिलों में अगले 15 दिनों के भीतर चयन पूरा करने के निर्देश गए हैं – (और ) स्कूलों में रसोइयों की तैनाती बच्चों की संख्या के आधार पर होगी।
– प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 1 और अधिकतम 7 रसोइये रखे जाएंगे – (और ) प्रति रसोइया को 1000 रुपए का मानदेय मिलेगा।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए वकायदा गाइडलाइन जारी किया है, और प्रक्रिया से पहले स्कूलों के निरिक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है भर्ती प्रक्रिया की गाइडलाइन और रसोइया बनने के लिए कौन-कौन सी शर्तें पूरी करनी होगी उसपर भी एक नजर डालते हैं।
– चयन के लिए मापदंड जरूरी – (रसोइया बनने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि ) आवेदन करने वाली महिला का बच्चा ( पोता/पोती, भाई/बहन) उसी स्कूल में पढ़ता हो।
– रसोइयों के चयन में विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को वरीयता दी जाएगी।
– यदि दोनों आवेदन करती हैं, तो विधवा महिला को पहला मौका मिलेगा
-चयन के लिए शासन द्वारा तय आरक्षण प्रक्रिया को लागू किया जाएगा
– जिस स्कूलों में केवल 1 ही पद है, वह पद अनारक्षित माना जाएगा।









