अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को अयोध्या में हुई बैठक में मंदिर के चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं, जांच की प्रगति और ट्रस्ट के प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित एसआईटी की कार्रवाई जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया था। ट्रस्ट की बैठक में दोनों के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए गए।
इसके साथ ही ट्रस्ट ने गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटाने का भी निर्णय लिया।
8 लोगों के खिलाफ मुकदमा, गिरफ्तारियां भी हुईं
ट्रस्ट के अनुसार एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आठ लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया और गिरफ्तारियां भी की गईं। ट्रस्ट ने कहा कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि एसआईटी का कार्य केवल दोषियों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि मंदिर की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुझाना भी है ताकि पूरी प्रणाली अधिक पारदर्शी और मजबूत बन सके।
पत्रकारों और लोगों से ट्रस्ट की अपील
प्रेस विज्ञप्ति में ट्रस्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या पत्रकार के पास मंदिर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक आरोप लगाने के बजाय एसआईटी या संबंधित जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जाए। ट्रस्ट का कहना है कि जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
नए महामंत्री तक कृष्ण मोहन संभालेंगे जिम्मेदारी
बैठक में निर्णय लिया गया कि नए महामंत्री की नियुक्ति होने तक ट्रस्टी कृष्ण मोहन महामंत्री के कार्यों का निर्वहन करेंगे। साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल होंगे।
दान और चढ़ावे का भी दिया पूरा ब्यौरा
ट्रस्ट ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान के माध्यम से 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण एवं पूजन कार्यों पर खर्च किए गए।
इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक मंदिर में चढ़ावे के रूप में 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 391 करोड़ रुपये संचालन संबंधी व्यय में उपयोग किए गए हैं तथा शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।
ट्रस्ट का कहना है कि वस्तु स्वरूप प्राप्त सभी भेंटों का रजिस्टर में विवरण दर्ज किया जाता है तथा उनका नियमित ऑडिट और भौतिक सत्यापन स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म द्वारा कराया जाता है।
श्रद्धालुओं की आस्था पर जताया भरोसा
ट्रस्ट ने कहा कि विवादों और दुष्प्रचार के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जो रामभक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण है।










