दाइची कामाडा ने अंतिम सीटी बजने से कुछ मिनट पहले गोल किया जिससे जापान ने विश्व कप फुटबॉल के ग्रुप एफ के मैच में नीदरलैंड को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया।
जब जापान की हार सुनिश्चित लग रही थी तब कामाडा ने यह महत्वपूर्ण गोल किया जिसे उनका देश वर्षों तक याद रखेगा।
कोकी ओगावा के कॉर्नर किक पर कामाडा ने 88वें मिनट में हेडर से गोल किया, जिससे समुराई ब्लू (जापानी टीम) के प्रशंसक खुशी से झूम उठे। इससे जापान ने अपने से अधिक रैंकिंग वाले नीदरलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
Yet another one of Japan's most beautiful World Cup goals 🤯🇯🇵 pic.twitter.com/pWqeD2xFI9
— Football Talk (@FootballTalkHQ) June 15, 2026
नीदरलैंड की टीम को भले ही अंक बांटने पड़े लेकिन इस ड्रॉ से उसने विश्व कप के ग्रुप चरण में अपने अजेय अभियान को 17 मैच तक पहुंचा दिया है। कामाडा के गोल से नारंगी रंग की जर्सी पहने नीदरलैंड के प्रशंसक सन्न रह गए।
दोनों टीम हाफ टाइम तक गोल नहीं कर पाई थी। दूसरे हाफ की शुरुआत में वर्जिल वैन डाइक (50वें मिनट) और क्रिसेंसियो समरविले (64वें) ने नीदरलैंड के लिए एक-एक गोल दागा, जबकि कीटो नाकामुरा (57वें) ने जापान की तरफ से गोल किया। यह तीनों गोल 14 मिनट के अंदर किए गए।
जापान के कोच हाजिमे मोरियासु ने कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ियों ने दृढ़ता के साथ-साथ धैर्य बनाए रखा और मौके का इंतजार किया और जब उन्हें मौका मिला तो उसे भुनाने में कसर नहीं छोड़ी।’’
जापान की टीम चार साल पहले कतर में अंतिम 16 में पहुंची थी।
पहले हाफ में दोनों टीम प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाई लेकिन ब्रेक के बाद माहौल तेजी से बदल गया। आठवें स्थान पर काबिज ने नीदरलैंड ने पहले बढ़त हासिल की।
वैन डाइक ने 50वें मिनट में पेनल्टी क्षेत्र के अंदर आगे की ओर झुकते हुए दाहिनी ओर दूर वाले पोस्ट की तरफ हेडर से गोल किया। यह नीदरलैंड के कप्तान का 13वां अंतरराष्ट्रीय गोल हो गया।
विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान पर काबिज जापान के लिए नाकामुरा ने सात मिनट बाद बराबरी का गोल कर दिया। उन्होंने ताकेफुसा कुबो से पास लेने के बाद कोण बनाकर खूबसूरत गोल किया।
लेकिन नीदरलैंड ने सात मिनट बाद फिर से बढ़त हासिल कर ली। समरविले ने रयान ग्रेवेनबर्च से पास लिया और बाएं पैर से शॉट मारकर जापान के गोलकीपर ज़ायोन सुजुकी को छकाते हुए गेंद को दूर बाएं पोस्ट की ओर गोल में डाल दिया।
वैन डाइक ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है क्योंकि बढ़त गंवाना कभी भी अच्छा नहीं होता। यह और भी निराशाजनक है क्योंकि हमने अंतिम क्षणों में गोल खाया।’’
वैन डाइक 34 साल और 341 दिन की उम्र में विश्व कप में गोल करने वाले नीदरलैंड के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे आगे जियोवानी वैन ब्रोंखोर्स्ट हैं जिन्होंने 2010 में उरुग्वे के खिलाफ 35 साल और 151 दिन की उम्र में गोल किया था।
नीदरलैंड शनिवार को ह्यूस्टन में स्वीडन से खेलेगा, जबकि जापान शनिवार को ट्यूनीशिया से मुकाबला करने के लिए मैक्सिको के मॉन्टेरी जाएगा।










