अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सप्ताहांत में इजराइल और क्षेत्र के अन्य सहयोगियों के साथ हुई बातचीत के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध को लेकर ईरान के साथ एक समझौता हुआ है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल है।
हालांकि, अन्य अधिकारियों ने सावधानी बरतने की रविवार को सलाह दी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वार्ता में ‘‘महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, हालांकि यह अंतिम प्रगति नहीं है।
भारतीय, ऑस्ट्रेलियाई और जापानी अधिकारियों के साथ बैठकों के लिए भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए रुबियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले घंटों में अच्छी खबर मिलेगी।
रुबियो ने कहा कि वार्ता ट्रंप के मुख्य उद्देश्यों में से एक को पूरा करने में सफल रही है, “अर्थात एक ऐसी दुनिया जिसे अब ईरानी परमाणु हथियार के बारे में डर या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से तथा अलग से इजराइल से बात की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘समझौते के अंतिम पहलुओं और ब्योरे पर फिलहाल चर्चा हो रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने इस बारे में और कोई विवरण साझा नहीं किया।
दो क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, संभावित समझौते में ईरान की यह प्रतिबद्धता शामिल होगी कि वह परमाणु हथियार बनाने का प्रयास नहीं करेगा, और तेहरान अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के अपने भंडार को छोड़ने पर सहमत हो गया है।
वार्ता की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि ईरान किस प्रकार अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को छोड़ेगा, यह 60 दिनों की अवधि में होने वाली आगे की वार्ताओं का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद संभव है कि रकम का एक हिस्सा इधर-उधर कर दिया जाए, जबकि बाकी राशि किसी तीसरे देश, संभवतः रूस, में हस्तांतरित कर दी जाए।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के अनुसार, ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित किया गया है, जो कि हथियार-ग्रेड 90 प्रतिशत स्तर से एक तकनीकी कदम कम है।
अधिकारी ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त करने के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोला जाएगा।
वार्ता की जानकारी रखने वाले दूसरे अधिकारी ने बताया कि अमेरिका प्रतिबंधों में छूट देकर ईरान को अपना तेल बेचने की अनुमति भी देगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों में राहत और ईरान के जमे हुए धन की रिहाई पर 60 दिनों की समयसीमा के दौरान बातचीत की जाएगी।
दोनों अधिकारियों ने बताया कि मसौदा समझौते में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्ध की समाप्ति के साथ-साथ क्षेत्र के देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप न करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है।
इजराइली अधिकारियों को इस बात की चिंता है कि ईरान के सहयोगी लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला, इजराइल के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है और लेबनान इसे निरस्त्र करने के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं रखता।
बातचीत के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को चेतावनी दी कि इजराइल “लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में खतरों के खिलाफ कार्रवाई की स्वतंत्रता रखता है।”
अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने नेतन्याहू को स्पष्ट कर दिया है कि वह इस शर्त के बिना किसी भी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे कि ईरान अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम समाप्त कर दे और देश से सभी समृद्ध यूरेनियम को हटा दे।
