Friday, September 18, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

सुप्रीमकोर्ट ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के समय को लेकर सवाल उठाया; आधार कार्ड ‘‘नागरिकता का प्रमाण’’ नहीं

admin by admin
July 10, 2025
in देश, राजनीति
0

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के समय पर सवाल उठाते हुए बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि आपको पहले ही कदम उठाना चाहिए था, अब थोड़ी देर हो चुकी है।

हालांकि, उसने इस दलील को खारिज कर दिया कि आयोग के पास इस कवायद को करने का कोई अधिकार नहीं है। न्यायालय ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की कवायद महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो लोकतंत्र की जड़ों से जुड़ा है और यह मतदान के अधिकार से संबंधित है।

भारत निर्वाचन आयोग ने इस कवायद को न्यायोचित ठहराया और कहा कि आधार कार्ड ‘‘नागरिकता का प्रमाण’’ नहीं है।

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड पर विचार न करने को लेकर सवाल किया और कहा कि निर्वाचन आयोग का किसी व्यक्ति की नागरिकता से कोई लेना-देना नहीं है और यह गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक मतदाता को भारतीय नागरिक होना चाहिए और ‘आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है’।

इस बीच, पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकीलों की इस दलील को खारिज कर दिया कि निर्वाचन आयोग के पास बिहार में ऐसी किसी कवायद का अधिकार नहीं है।

पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग जो कर रहा है वह संविधान के तहत आता है और पिछली बार ऐसी कवायद 2003 में की गयी थी।

याचिकाकर्ताओं की दलीलों का उल्लेख करते हुए पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग को तीन प्रश्नों का उत्तर देना होगा, क्योंकि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया ‘‘लोकतंत्र की जड़ से जुड़ी है और यह मतदान के अधिकार से संबंधित है।’’

उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से तीन मुद्दों पर जवाब मांगा कि क्या उसके पास मतदाता सूची में संशोधन करने, अपनायी गयी प्रक्रिया और कब यह पुनरीक्षण किया जा सकता है, उसका अधिकार है।

द्विवेदी ने कहा कि समय के साथ-साथ मतदाता सूची में नामों को शामिल करने या हटाने के लिए उनका पुनरीक्षण आवश्यक होता है और एसआईआर ऐसी ही कवायद है।

उन्होंने पूछा कि अगर चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची में संशोधन का अधिकार नहीं है तो फिर यह कौन करेगा?

बहरहाल, निर्वाचन आयोग ने आश्वस्त किया कि किसी को भी अपनी बात रखने का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने बिहार में मतदाता सूचियों के एसआईआर कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई शुरू की।

एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की अनुमति दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि समग्र एसआईआर के तहत लगभग 7.9 करोड़ नागरिक आएंगे और यहां तक कि मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड पर भी विचार नहीं किया जा रहा है।

उच्चतम न्यायालय में इस मामले के संबंध में 10 से अधिक याचिकाएं दायर की गयी हैं जिनमें प्रमुख याचिकाकर्ता गैर-सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ है।

राजद सांसद मनोज झा और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के अलावा, कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल, शरद पवार नीत राकांपा गुट से सुप्रिया सुले, भाकपा से डी राजा, समाजवादी पार्टी से हरिंदर सिंह मलिक, शिवसेना (उबाठा) से अरविंद सावंत, झारखंड मुक्ति मोर्चा से सरफराज अहमद और भाकपा (माले) के दीपांकर भट्टाचार्य ने संयुक्त रूप से शीर्ष अदालत का रुख किया है।

सभी नेताओं ने बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के निर्वाचन आयोग के आदेश को चुनौती दी है और इसे रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

Tags: सुप्रीमकोर्ट ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण
Previous Post

गुरु पूर्णिमा: अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में उमड़े श्रद्धालु, लगाई आस्था की डुबकी

Next Post

रुदौली: अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत, एक ट्रामा सेंटर रेफर

Related Posts

अंतराष्ट्रीय

Graham Sanctioning Act 2026: अमेरिकी कानून को चीन ने ठुकराया, भारत ने कहा- 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

September 17, 2026
देश

NCERT की ‘सारंगी भाग-1’ में कविता के चंदा मामा दूर के की दूसरी पंक्ति में विवाद, पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

September 17, 2026
देश

Tata Sons में बड़ा फैसला: N चंद्रशेखरन 5 साल और रहेंगे चेयरमैन, शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी; नोएल टाटा ने किया विरोध

September 17, 2026
देश

UPI भुगतान पर 0.4% MDR से व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ, नकदी की तरफ लौटने की तैयारी

September 17, 2026
Next Post

रुदौली: अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत, एक ट्रामा सेंटर रेफर

Recent Posts

Graham Sanctioning Act 2026: अमेरिकी कानून को चीन ने ठुकराया, भारत ने कहा- 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 17, 2026
0

बीजिंग, चीन ने रूसी तेल और गैस की खरीद पर शुल्क लगाने संबंधी अमेरिकी क्षेत्राधिकार को खारिज करते हुए बृहस्पतिवार...

NCERT की ‘सारंगी भाग-1’ में कविता के चंदा मामा दूर के की दूसरी पंक्ति में विवाद, पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 17, 2026
0

पटना उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक पुस्तक में कथित तौर पर ‘‘गलत, अश्लील...

Tata Sons में बड़ा फैसला: N चंद्रशेखरन 5 साल और रहेंगे चेयरमैन, शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी; नोएल टाटा ने किया विरोध

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 17, 2026
0

मुंबई, टाटा संस के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को एन चंद्रशेखरन को कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल के...

UPI भुगतान पर 0.4% MDR से व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ, नकदी की तरफ लौटने की तैयारी

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 17, 2026
0

नयी दिल्ली, बड़े मूल्य के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) लगाए जाने के बीच खुदरा एवं...

लखनऊ में मोबाइल की ₹2,799 की EMI के लिए युवक को अगवा कर खून निकालने व 4 दिन बंधक बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 17, 2026
0

लखनऊ में मोबाइल फोन की किस्त न चुकाने पर एक युवक को अगवा करके चार दिनों तक बंधक बनाने, उससे...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group