अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ भारतीय काल गणना के अनुसार 11 जनवरी 2025 को पौष शुक्ल द्वादशी के दिन मनाई जाएगी। इसे “प्रतिष्ठा द्वादशी” का नाम दिया गया है। इस अवसर पर तीन दिवसीय आयोजन होगा।
इस अवसर पर तीन दिवसीय (11, 12 व 13 जनवरी) आयोजन होगा। व्यवस्था के दृष्टिगत पांच स्थानों को आयोजन स्थल बनाया गया है।
1- 70 एकड़ के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में होने वाले आयोजन
– शुक्ल यजुर्वेद माध्यन्दिनी शाखा के 40 अध्यायों के 1975 मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति प्रदान की जाएगी। 11 वैदिक मन्त्रोच्चार करेंगे। होम का यह कार्य सुबह आठ से 11 बजे तक और दोपहर दो से पांच बजे तक होगा।
– श्रीराममंत्र का जप यज्ञ भी इसी कालखंड में दो सत्रों में होगा। छह लाख मंत्र जप किया जाएगा।
– इसके अतिरिक्त राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त, आदित्य हृदय स्तोत्र और अथर्वशीर्ष के पारायण भी होंगे।
2- दक्षिणी प्रार्थना मंडप : नित्य दोपहर तीन से पांच बजे तक भगवान को राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी।
3- मंदिर प्रांगण : तीनों दिन शाम छह से रात नौ बजे तक रामलला के सम्मुख बधाई गान होगा।
4- यात्री सुविधा केंद्र : यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर तीन दिवसीय संगीतमय मानस पाठ होगा।
5- अंगद टीला : दोपहर दो से 3:30 बजे तक रामकथा और दोपहर 3:30 से शाम पांच बजे तक प्रभु श्रीराम के जीवन पर प्रवचन होंगे।
– तीनों दिन शाम 5:30 से 7:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
– अंगद टीला के सभी कार्यक्रमों में समाज भी सादर आमंत्रित है।
– प्रतिष्ठा द्वादशी (11 जनवरी, 2025) को सुबह से प्रसाद वितरण प्रारंभ होगा।
