वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को नए प्रतिबंध कानून से छूट देने के अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है। इस फैसले को लेकर अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने आलोचना की है।
ट्रंप ने कहा कि अभी कई लोगों को उनके फैसले का वास्तविक अर्थ समझ में नहीं आया है, लेकिन आने वाले समय में वे इसे समझ जाएंगे।
ट्रंप ने शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह बहुत अच्छा फैसला है और देश के लिए फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे दुनिया को भी लाभ पहुंचेगा। इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस को नए प्रतिबंध कानून ‘ग्राहम अधिनियम’ से छूट दी गई।
अमेरिकी संसद ने पिछले महीने ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ को भारी बहुमत से मंजूरी दी थी। इस कानून में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले चीन और भारत समेत पांच प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रावधान शामिल है।
हालांकि, ट्रंप के आदेश के तहत रूस और संबंधित देशों को इस प्रावधान से छूट दी गई है। आदेश के अनुसार, यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, आवश्यक परामर्श के बाद आगे की कार्रवाई को उचित नहीं मान लेते।
ट्रंप के इस फैसले की दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने आलोचना की है। दक्षिण कैरोलाइना की रिपब्लिकन सांसद डार्लिन ग्राहम ने कहा कि वह युद्ध समाप्त कराने और ईंधन की कीमतें कम करने के लिए रूस पर दबाव बनाने का विकल्प चुनतीं। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस पर अविश्वास जताया।
उत्तरी कैरोलाइना के रिपब्लिकन सांसद थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैसले को ‘बेहद गैर-जिम्मेदाराना’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सीनेट में 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित कानून को लागू करने से प्रशासन पीछे क्यों हट रहा है।
टिलिस ने आरोप लगाया कि प्रशासन यूक्रेन पर हमले के लिए जिम्मेदार रूस के सामने झुक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा की कीमतें कम करने के लिए ट्रंप को रूस को रियायत देने के बजाय ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने पर ध्यान देना चाहिए।
टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने भी ट्रंप के फैसले पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम इस फैसले से बेहद नाराज होते। लिंडसे ग्राहम ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
रूस को प्रतिबंधों से छूट देने का यह फैसला अमेरिका की रूस नीति, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर नई राजनीतिक बहस का कारण बन गया है। जहां ट्रंप इसे देश और दुनिया के हित में बता रहे हैं, वहीं दोनों दलों के कुछ सांसद इसे रूस पर दबाव कम करने वाला कदम मान रहे हैं।