गुवाहाटी, स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने रविवार को कहा कि उसने गुवाहाटी में 43 करोड़ रुपये मूल्य की मादक पदार्थों की एक खेप जब्त की है, जिसे म्यांमा से भारत के अन्य हिस्सों में ले जाया जा रहा था।
आधिकारिक ब यान के अनुसार, एनसीबी ने छह अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई के दौरान मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार भी किया। इस दौरान मेथामफेटामाइन की कुल 53.94 किलोग्राम गोलियां जब्त की गईं।
बयान में कहा गया कि गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी के अधिकारियों ने दो ट्रकों को रोककर उनकी गहन तलाशी ली। इस दौरान दोनों ट्रकों के ईंधन टैंकों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खांचे मिले, जिनमें से मादक पदार्थ बरामद किए गए।
एनसीबी ने कहा, “प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मादक पदार्थों की यह खेप म्यांमा से लाई गई थी। इस जब्ती से मादक पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश नाकाम हुई है। अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं, घरेलू प्राप्तकर्ताओं, वित्तपोषकों, परिवहनकर्ताओं, खेप को संभालने वालों और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच जारी है।”
एजेंसी ने कहा कि वह आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, एनसीबी के गुवाहाटी कार्यालय ने स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दर्ज विभिन्न मामलों में वांछित छह लोगों को विशेष अभियान ‘फरार आरोपी अभियान पखवाड़ा’ के तहत गिरफ्तार किया।
बयान में कहा गया कि गिरफ्तार लोगों में दो असम के निवासी हैं, जबकि बिहार, मध्यप्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा का एक-एक व्यक्ति है।