लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भगवान हनुमान के भक्तों से राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने के लिए ‘कालनेमि’ रूपी ‘बाबरी भक्तों’ को पहचानें और उनकी साजिशों को सफल न होने देने की अपील की।
आदित्यनाथ ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे, वे अब खुद को राम का भक्त दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मिलिंद परांडे (विहिप के संगठन महासचिव) ने सही कहा है कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे, वे अब खुद को राम का भक्त दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। यह विहिप की वैचारिक जीत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजरंगियों को सतर्क रहना होगा, क्योंकि ‘‘कालनेमि जैसे लोग राम के काम में घुसपैठ करेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘इन कालनेमियों की पहचान करना जरूरी है, जो आंदोलन को बदनाम और अपमानित करने की कोशिश करेंगे। आप कालनेमि के भेष में घुसने वाले इन बाबरी भक्तों की साजिशों को सफल नहीं होने देंगे और न ही खुद को अपमानित होने देंगे।
रामायण के अनुसार, कालनेमि एक राक्षस था, जिसे रावण ने भगवान हनुमान को संजीवनी बूटी लाने से रोकने के लिए भेजा था।
आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता शामिल नहीं हुए, क्योंकि उन्हें ‘‘वोट बैंक’’ दिखाई देता था।उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें भय था कि कहीं जालीदार टोपी छिटक न जाए।
मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन देने निकले हैं। उन्होंने कहा कि गाय हमारी माता है और हमारा उससे जन्म-जन्मांतर का नाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दिया था, जिसमें कहा गया था कि राम और कृष्ण का कोई अस्तित्व नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू समाज का अपमान करने का आरोप लगाया। आदित्यनाथ ने अयोध्या के पुराने स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी वहां ‘परिक्रमा’ पर रोक लगाई थी, वे अब उसी अयोध्या धाम में भव्य ‘दीपोत्सव’ होते देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग 475 वर्षों तक अयोध्या ने अपमान और उपेक्षा का सामना किया। वहां सड़क, बिजली, बुनियादी सुविधाओं और सफाई की कमी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद राम की पैड़ी को हरिद्वार की हर की पैड़ी की तर्ज पर विकसित किया गया।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘रामद्रोही’’ लोग अयोध्या में हुए बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने विहिप नेता अशोक सिंघल की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 1990 में जब उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, तब सिंघल उस सरकार के सामने नहीं झुके और आंदोलन में डटे रहे।
जब 2 नवंबर, 1990 को राम नाम की धुन गाते हुए 'रामभक्तों' पर बर्बर लाठी चार्ज और गोलियों की बौछार होती है, तब उसका मुकाबला करने के लिए कोई सीना तानकर सामने आया था, तो वह नाम था- श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का… pic.twitter.com/9I2RyFBes2
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 27, 2026