Meta AI आपकी पूरी WhatsApp चैट अपने-आप नहीं पढ़ता; लेकिन यूजर जब
@Meta AIके जरिए उसे बुलाता है, कोई मैसेज AI को भेजता है या चैट-संदर्भ वाले AI फीचर का इस्तेमाल करता है, तब संबंधित सामग्री AI के लिए उपलब्ध हो सकती है।
WhatsApp पर Meta AI और चैट प्राइवेसी को लेकर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल संदेश में दावा किया जा रहा है कि WhatsApp यूजर्स को अपनी निजी या ग्रुप चैट को Meta AI से बचाने के लिए “Advanced Chat Privacy” सेटिंग चालू करनी होगी।
वहीं Gemini के एक जवाब में इस दावे को फर्जी बताते हुए कहा गया कि WhatsApp में “Advanced Chat Privacy” नाम का कोई विकल्प ही नहीं है। PublicNews360.in की पड़ताल में सामने आया कि दोनों दावों में महत्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर है।
WhatsApp के आधिकारिक Help Center के अनुसार Advanced Chat Privacy वास्तव में WhatsApp का आधिकारिक फीचर है और यह व्यक्तिगत तथा ग्रुप चैट में उपलब्ध है।
Advanced Chat Privacy चालू करने पर क्या होता है?
WhatsApp के मुताबिक यह फीचर चैट की सामग्री को WhatsApp के बाहर साझा किए जाने पर अतिरिक्त नियंत्रण देता है। इसे चालू करने के बाद उस चैट के सदस्य चैट को एक्सपोर्ट नहीं कर सकते, चैट में आने वाला मीडिया अपने-आप फोन की गैलरी में सेव नहीं होता और उस चैट में Meta AI से सवाल पूछने, AI से इमेज बनाने या चैट का सारांश तैयार कराने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह सेटिंग हर चैट के लिए अलग से लागू होती है।
ग्रुप और निजी चैट में कौन कर सकता है इसे चालू?
WhatsApp के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार ग्रुप चैट में ग्रुप एडमिन Advanced Chat Privacy को सक्रिय कर सकता है और यह सेटिंग पूरे ग्रुप पर लागू होती है। व्यक्तिगत चैट में दोनों में से कोई भी प्रतिभागी इसे चालू या बंद कर सकता है। WhatsApp यह भी बताता है कि जिस चैट पर यह सेटिंग लागू करनी है, उसे अलग-अलग चुनकर फीचर सक्रिय करना होता है।
क्या Advanced Chat Privacy बंद होने पर Meta AI आपकी पूरी चैट पढ़ सकता है?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। WhatsApp के आधिकारिक Help Center के अनुसार नहीं। WhatsApp स्पष्ट रूप से कहता है कि सभी चैट डिफॉल्ट रूप से निजी हैं और व्यक्तिगत संदेश एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहते हैं। WhatsApp के मुताबिक Meta AI आपकी चैट को सामान्य रूप से एक्सेस नहीं कर सकता। वह केवल वही संदेश पढ़ सकता है जिन्हें लोग स्वयं Meta AI को भेजना चुनते हैं। WhatsApp यह भी स्पष्ट करता है कि यह बात Advanced Chat Privacy चालू होने या बंद होने, दोनों स्थितियों में लागू होती है।
इसका मतलब यह है कि केवल किसी WhatsApp ग्रुप में Meta AI मौजूद होने से AI उस ग्रुप की पूरी पुरानी या सामान्य बातचीत पढ़ना शुरू नहीं कर देता। Meta AI का इस्तेमाल करने के लिए यूजर उसे बातचीत में बुला सकता है और उसके लिए संदेश भेज सकता है।
Meta ने भारत में WhatsApp समेत अपने प्लेटफॉर्म पर Meta AI उपलब्ध कराया है और कंपनी ने ग्रुप चैट में Meta AI से सवाल पूछने जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया है।
लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि AI को कभी कोई चैट सामग्री दिखाई ही नहीं दे सकती। जब यूजर खुद किसी संदेश या बातचीत को Meta AI के लिए उपलब्ध कराता है अथवा ऐसा AI फीचर इस्तेमाल करता है जिसमें चैट का संदर्भ दिया जाता है, तब संबंधित सामग्री AI प्रोसेसिंग के दायरे में आ सकती है।
Meta ने 2026 में WhatsApp पर Incognito Chat with Meta AI की घोषणा भी की, जिसमें AI बातचीत को Private Processing के जरिए सुरक्षित वातावरण में प्रोसेस करने की बात कही गई है।
फोन नंबर और निजी जानकारी को लेकर भी वायरल दावा सावधानी से समझना जरूरी है। Advanced Chat Privacy को बंद रखने का अर्थ यह नहीं है कि Meta AI को आपके फोन में मौजूद फोटो, कॉन्टैक्ट, निजी फाइल या पूरी WhatsApp चैट का अपने-आप अधिकार मिल जाता है।
WhatsApp के आधिकारिक दस्तावेज में साफ कहा गया है कि Meta AI आपकी चैट एक्सेस नहीं कर सकता और केवल वही संदेश पढ़ सकता है जिन्हें लोग उसे भेजना चुनते हैं।
इसलिए वायरल मैसेज में यह दावा कि “Advanced Chat Privacy चालू नहीं की तो Meta AI आपकी पूरी WhatsApp चैट पढ़ सकता है” सही नहीं है। वहीं Gemini के जवाब में यह कहना कि “WhatsApp में Advanced Chat Privacy नाम की कोई सेटिंग ही उपलब्ध नहीं है” भी गलत है। WhatsApp का आधिकारिक Help Center इस फीचर की मौजूदगी और इसके ग्रुप तथा व्यक्तिगत चैट में इस्तेमाल की पुष्टि करता है।
फैक्ट-चेक निष्कर्ष: वायरल दावा भ्रामक (Misleading) है। Advanced Chat Privacy WhatsApp का वास्तविक फीचर है, लेकिन इसे चालू करना Meta AI को आपकी सामान्य निजी चैट पढ़ने से रोकने के लिए अनिवार्य नहीं है।
यह फीचर चैट एक्सपोर्ट, मीडिया के ऑटो-सेव और उस चैट में Meta AI जैसी कुछ सुविधाओं के इस्तेमाल पर अतिरिक्त नियंत्रण देता है। दूसरी ओर, Gemini के जवाब में इस फीचर के अस्तित्व से इनकार करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।