लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बुधवार को संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी प्रमुख मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया। लखनऊ स्थित बसपा मुख्यालय में मायावती की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया।
यह नियुक्ति उनके बड़े भाई आकाश आनंद को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।
बैठक में ईशान आनंद अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के साथ मौजूद रहे। नियुक्ति के बाद ईशान आनंद ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि वह उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे।
उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों तथा मायावती के मार्गदर्शन के अनुसार पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही।
ईशान आनंद की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब बसपा में पिछले कुछ सप्ताह से संगठनात्मक स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। तीन सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक समेत पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। मायावती ने उस समय कहा था कि आकाश को अभी अधिक परिपक्वता की जरूरत है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मायावती ने वंशवादी राजनीति को लेकर भी पार्टी का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि बसपा संस्थापक कांशीराम के सिद्धांतों और डॉ. आंबेडकर के विचारों का अनुसरण करते हुए पार्टी वंशवाद की राजनीति से दूरी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मायावती ने कहा कि रिश्तेदार पार्टी में काम कर सकते हैं, लेकिन उन्हें संगठन के हित में बिना किसी लालच के जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
ईशान आनंद के पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने से बसपा के संगठनात्मक ढांचे में उनकी भूमिका बढ़ गई है। बैठक में पार्टी के संगठन और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई। ईशान आनंद के मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लेने की तस्वीर और वीडियो भी सामने आए हैं।
बसपा में यह बदलाव आकाश आनंद को जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद हुआ है। ऐसे में ईशान आनंद की नियुक्ति पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा मानी जा रही है। हालांकि, ईशान आनंद की नियुक्ति के राजनीतिक प्रभाव को लेकर अलग-अलग विश्लेषण सामने आ रहे हैं, इसलिए उसके भविष्य के असर का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी।