झांसी के प्रेमनगर क्षेत्र में 21 वर्षीय परवेज अली की मौत के मामले में पुलिस ने पांच दिन बाद घटना का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में प्रेमनगर थाने में तैनात कांस्टेबल आशीष सिंह समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, परवेज को नशीले पदार्थों की डीलिंग और सैंपल लेने के बहाने बुलाया गया था। इसके बाद उसे कार में बैठाकर कथित तौर पर वसूली करने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाने की कोशिश की गई। इसी दौरान हुई मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, परवेज अली रविवार रात गंभीर हालत में नगरा हाट मैदान में मिला था। पुलिस उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में शरीर पर चोटों के निशान सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के पहलू से जांच शुरू की।
जांच में परवेज के नशीले पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े होने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर में भी मादक पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित मामला लंबित था।
पुलिस के मुताबिक, परवेज को सुकुवा-ढुकुवा कॉलोनी के पास ड्रग्स के सैंपल लेने के बहाने बुलाया गया था। वहां आरोपी दो कारों से पहुंचे और उसे एक कार में बैठा लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की बातचीत और गतिविधियों से परवेज को शक हो गया कि उसके खिलाफ वीडियो बनाया जा रहा है और उसे पुलिस के नाम पर फंसाने या डराकर रुपये वसूलने की योजना है। इसके बाद कार के भीतर ही विरोध और मारपीट शुरू हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। इसके बाद आरोपियों की पहचान हुई। गिरफ्तार लोगों में कांस्टेबल आशीष सिंह के अलावा शनि नामदेव, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, प्रियंशु सोनी, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे और अरशिल खान शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तीन कार और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल आशीष सिंह को मामले में भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया और उसे निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में कुछ आरोपियों के सामाजिक संगठन से जुड़े होने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई है। हालांकि उनकी भूमिका और संगठन से संबंधित पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपियों से पूछताछ और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।