अयोध्या, रुदौली कोतवाली क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित पसैया गांव के सामने सरयू नदी में बुधवार को डूबे नाना-नाती के शव गुरुवार सुबह एसडीआरएफ की दो टीमों और स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय शिवा पुत्र भाईलाल कोरी अपने 60 वर्षीय नाना जगराम कोरी के साथ बुधवार दोपहर करीब दो बजे बांध के पास पहुंचा था। भैंस को पानी पिलाने के दौरान भैंस गहरे पानी की ओर चली गई, जिससे शिवा भी गहराई में चला गया और डूबने लगा। नाती को बचाने के लिए जगराम नदी में कूद पड़े। इस दौरान दोनों गहरे पानी में डूब गए।
ग्रामीणों ने बांस और स्टीमर की मदद से तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। घटना के करीब ढाई घंटे बाद एसडीआरएफ की दो टीमें पहुंचीं और तलाश अभियान शुरू किया। देर शाम तक अभियान जारी रहा और गुरुवार सुबह दोनों के शव बरामद किए गए।
बताया गया कि शिवा तीन दिन पहले रक्षाबंधन के अवसर पर मायके आई अपनी मां राजकुमारी को लेने पसैया आया था। हादसे से पहले वह नाना के साथ दवा लेने भी गया था। शिवा के पिता भाईलाल रुदौली की नवीन सब्जी मंडी में ठेलिया चलाते हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, इसी स्थान पर कुछ वर्ष पहले जगराम के 30 वर्षीय पुत्र मंजीत की भी डूबने से मौत हुई थी। एक ही परिवार में दोबारा हुए हादसे से ग्रामीणों में शोक है।
मौके पर शुजागंज चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह, इंद्रेश यादव, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर और सीएचसी रुदौली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवीन्द्र शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।