मेरठ में पुलिस और सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी की टीम ने नकली ब्रांडेड सिगरेट बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
यह फैक्ट्री हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के दूधली गांव के पास एक पुरानी स्कूल बिल्डिंग में संचालित हो रही थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार और अधबनी सिगरेट, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री तथा सिगरेट बनाने वाली मशीनें बरामद की गई हैं।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यहां आईटीसी के नाम से जुड़े लोकप्रिय ब्रांडों की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी। इनमें गोल्ड फ्लेक, क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स और सिजर्स समेत अन्य ब्रांड के नाम भी शामिल बताए गए हैं। आईटीसी के इन ब्रांडों के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करने को लेकर कंपनी की ओर से जांच कर पुलिस को सूचना दी गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, नकली सिगरेट के इस नेटवर्क का खुलासा आईटीसी की जांच टीम की कार्रवाई से हुआ। कंपनी की जांच टीम ने दिल्ली के सदर बाजार में एक कंटेनर पकड़ा था। इसके बाद मिले सुरागों के आधार पर जांच टीम मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के दूधली खादर तक पहुंची। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा।
इस फैक्ट्री में रोजाना करीब 50 लाख रुपये कीमत की नकली सिगरेट तैयार किए जाने का दावा किया गया है। तैयार माल को उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों में सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस कार्रवाई में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसमें लगभग डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की तैयार नकली सिगरेट तथा करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कच्चा माल और मशीनरी शामिल बताई गई है। मौके से तैयार सिगरेट के कार्टन, खुले पैकेटों की सामग्री, रैपर और अन्य सामान भी बरामद किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि सिगरेट बनाने में इस्तेमाल होने वाला विशेष रैपिंग पेपर और फिल्टर सामग्री कथित तौर पर कंबोडिया से मंगाई जाती थी, जबकि तंबाकू की खरीद राजस्थान से किए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है। इससे इस अवैध कारोबार के नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका भी जताई गई है।
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक रवि किशोर को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिगरेट की सप्लाई किन-किन राज्यों में की जा रही थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।